फोटो नंबर- 18सिंघाना रोड पर डिवाइडर पर बैठकर आराम करता गोवंश। संवाद
नारनौल। नेशनल हाईवे और शहर के प्रमुख मार्ग लावारिस पशुओं के विश्राम स्थल बने हुए हैं। सड़कों पर घूम रहे लावारिस पशुओं को हटाने के लिए दावे तो कर रहा है लेकिन धरातल पर काम नहीं हो रहा। शुक्रवार को रेवाड़ी रोड, निजामपुर रोड सहित अन्य प्रमुख मार्गों पर सैकड़ों की संख्या में गोवंश घूमते व सड़क किनारे आराम करते नजर आए।
आधुनिक समय में बढ़ती तकनीक के चलते गोवंश के अलावा अब लोगों ने पालतु गधों को भी खुला छोड दिया है। रेवाड़ी रोड पर वाहनों के बीच गधे भी चलते नजर आए। वहीं नेशनल हाइवे पर नीलगाय के अचानक से वाहनों के सामने आ जाती है। इससे हादसों का खतरा बना रहता है।
गाड़ियों के पीछे से रिफ्लेक्टर नदारद
वाहनों के पीछे रिफ्लेक्टर लगाने के लिए यातायात पुलिस की ओर से अभियान चलाया जा रहा है। इससे कोहरे में हादसों की संभावनाओं को कम किया जा सकें लेकिन फिर भी अधिकतर वाहनों विशेष तौर पर निजी गाड़ियों के पीछे रिफ्लेक्टर नहीं लगे हैं। प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अभियान नाकाफी है और वास्तविक रूप से धरातल पर कार्य करने के लिए बेहतर योजना की आवश्यकता है।
वर्जन :
विभिन्न नाकों पर चैकिंग अभियान चलाकर रिफ्लेक्टर टेप के बारे में लोगों को जागरूक किया जा रहा है। वहीं रिफ्लेक्टर टेप लगाई जा रही है आगामी दिनों में अभियान को बड़े स्तर पर चलाया जाएगा। -अनिल कुमार, यातायात प्रभारी, नारनौल
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वर्जन :
आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए टेंडर लगाया जा चुका है। अब पशुओं को पकड़ने का कार्य किया जा रहा है। -विकास शर्मा, जेई, नगर परिषद, नारनौल