नारनौल। साइबर थाना की पुलिस टीम ने साइबर धोखाधड़ी के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। साइबर ठगी की वारदात को लेकर थाना साइबर क्राइम में मामला दर्ज किया गया था।
इसमें पुलिस ने आरोपी गांव गोद के आर्यन को गिरफ्तार कर उसके पास से दस्तावेज और बैंक खातों का विवरण बरामद किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
गांव खटोटी खुर्द निवासी दीपक ने शिकायत दी कि वह गांव भाखरी के बस स्टैंड पर एक सीएससी सेंटर और पीएनबी ग्राहक सेवा केंद्र संचालित करता है।
शिकायत के अनुसार गांव भाखरी का शिवम कुमार उसकी दुकान पर आया और नकदी की आवश्यकता बताते हुए शिकायतकर्ता के क्यूआर कोड पर तीन बार में कुल 91,000 रुपये ट्रांसफर किए। इसके बदले शिकायतकर्ता ने उसे नकद राशि दे दी।
कुछ समय बाद बैंक ने सूचित किया कि शिकायतकर्ता के खाते में साइबर फ्रॉड से संबंधित अवैध राशि आने के कारण खाता फ्रीज कर दिया था।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को पहले गिरफ्तार किया था। पुलिस जांच और आरोपी के खुलासे से यह सामने आया है कि इस धोखाधड़ी का जाल टेलीग्राम के माध्यम से फैलाया गया था।
गिरफ्तार आरोपी आर्यन ने बताया कि वह टेलीग्राम पर साइबर ठगों के संपर्क में था। ठगों ने उसे लालच दिया था कि यदि वह ठगी गई राशि को भारतीय रुपयों में बदलकर क्रिप्टोकरेंसी के जरिए उन्हें भेजेगा तो उसे भारी कमीशन दिया जाएगा।
आरोपी ने ठगी की राशि प्राप्त करने के लिए इंडसइंड बैंक और पीएनबी के खातों का उपयोग किया। जब उसे डर लगा कि उसके खुद के खातों पर रोक लग सकती है तो उसने अपने परिचितों सोनू और राहुल के साथ मिलकर अन्य लोगों के खातों का सहारा लिया। इसी क्रम में उन्होंने शिवम कुमार के माध्यम से सीएससी सेंटर के क्यूआर कोड का उपयोग कर पैसे निकलवाए थे।