नारनौल। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड 12वीं का परीक्षा परिणाम एक बार फिर महेंद्रगढ़ जिले के लिए बेहतर रहा है। महेंद्रगढ़ जिले ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। इस बार जिले का परिणाम 92.99 प्रतिशत रहा। इसमें 7428 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिसमें से 6907 विद्यार्थी पास हुए। इसके अलावा 443 बच्चों की कंपार्टमेंट और 78 विद्यार्थी फेल हो गए।
इसी प्रकार प्राइवेट परीक्षा का परिणाम 94.89 प्रतिशत रहा। इसमें 176 बच्चों ने परीक्षा दी थी, जिसमें से 167 विद्यार्थी पास हुए हैं और 9 फेल हुए हैं। इसके अलावा ओपन स्कूल परीक्षा का परिणाम 42.63 प्रतिशत रहा हैं। इसमें 190 बच्चे परीक्षा में बैठे थे, जिसमें से 81 पास हुए हैं। इसके अलावा ओपन स्कूल री-अपीयर की परीक्षा में 49.44 प्रतिशत रहा। इसमें 180 में से 89 बच्चे पास हुए हैं।
परीक्षा परिणाम आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अधिकारियों ने लड्डू बांटे। इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्रमुख रूप से संतोष चौहान डीइइओ, रविंद्र कुमार डीएसएस, रमेश सोनी डीओसी, बाबूलाल डिप्टी सुपरिडेंट, क्लर्क ललित व क्लर्क सुरेंद्र आदि मौजूद रहे।
वर्ष 2020 से पहले 15वें स्थान पर रहता था महेंद्रगढ़
महेंद्रगढ़ जिले का अब शिक्षा के क्षेत्र में परचम लहरा रहा है। वर्ष 2020 से पहले की बात करे तो 15वें स्थान से नीचे महेंद्रगढ़ जिला रहता था। अब बीते चार साल से पहले व दूसरे पायदान पर है। बीआरसी पवन भारद्वाज ने बताया कि सन 2020 तक प्रदेश में 15वें स्थान पर जिला रहता था।
2023 में रेवाड़ी से पिछड़ गया था जिला
महेंद्रगढ़ जिला बीते वर्ष भी पहला स्थान लेने में कुछ प्रतिशत की वजह से चूक गया था, लेकिन इस बार पहला स्थान हासिल किया है। बीते वर्ष रेवाड़ी का परीक्षा परिणाम 88.28 रहा था, वहीं महेंद्रगढ़ जिला 0.18 प्रतिशत कम अंक की वजह से पीछे रह गया था। इस बार सभी रिकाॅर्ड तोड़ते हुए पहला पायदान हासिल किया है।
बीआरसी पवन भारद्वाज ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी अधिकारियों को स्कूलों में जाकर छात्रों की पढ़ाई का निरीक्षण करने का आदेश दिया था। सभी अधिकारी समय-समय पर स्कूलों में जाकर छात्रों से पूछताछ करते थे। इसीलिए प्रदेश में पहले स्थान पर आया है।
प्रदेश में पहले पायदान पर रहने का श्रेय सभी अध्यापकों को दिया है। अध्यापकों की मेहनत की वजह से ही प्रदेश में महेंद्रगढ़ जिले ने परचम लहराया है। इसे आगे भी जारी रखा जाएगा।
- सुनील दत्त, जिला शिक्षा अधिकारी नारनौल