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एलटी नहीं, फोर्थ क्लास कर्मचारी कर रहा ब्लड जांच

Wed, 11 May 2016 11:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
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एलटी नहीं, फोर्थ क्लास कर्मी कर रहा जांच - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नागरिक अस्पताल में मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ हो रहा है। यहां आए मरीजों के ब्लड की जांच फोर्थ क्लास कर्मचारी कर रहा है। इसके कारण न तो मरीजों की सही प्रकार से जांच हो रही है व न ही चिकित्सकों को मरीजों की बीमारी का पता चल रहा है। यही नहीं फोर्थ क्लास द्वारा जांच किए जाने में बरती जा रही असावधानी से मरीजों को गंभीर बीमारी होने का खतरा भी बना हुआ है। एक मरीज ने जब इसकी शिकायत की तो सिविल सर्जन ने मौके पर पहुंच फोर्थ क्लास को मरीजों की जांच करते रंगे हाथों पकड़ा। बाद में सिविल सर्जन ने एलटी व फोर्थ क्लास को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
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बुधवार सुबह करीब दस बजे नागरिक अस्पताल में अपने ब्लड की जांच कराने आए मरीज को लैब में मरीजों के सैंपल ले रहे व्यक्ति पर शक हुआ। वह मरीजों से न तो सही प्रकार से बात कर रहा था तथा न ही सही प्रकार से सैंपल ले रहा था। इसके कारण मरीजों की भारी भीड़ नागरिक अस्पताल स्थित ब्लड कलेक्शन वार्ड के बाहर जमा हो गई थी। मरीज को जब व्यक्ति पर शक हुआ तो उसने इसकी जानकारी वहां पर आए मीडिया के लोगों को दी। इसके बाद इस बारे में कार्यवाहक सिविल सर्जन अशोक कुमार को अवगत कराया गया। इस पर सिविल सर्जन ने लैब में पहुंचकर इसकी जांच की। सिविल सर्जन जब लैब पहुंचे तब भी उक्त व्यक्ति लोगों के ब्लड सैंपल ले रहा था। वहीं साथ खड़ी दो ट्रेनी एएनएम को इसके बारे में बता भी रहा था। इस पर सिविल सर्जन ने मौके पर ही फोर्थ क्लास से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह तो यहां वैसे ही आया था। उन्होंने सैंपल लेने तथा जांच करने से साफ इंकार कर दिया। इस पर सिविल सर्जन ने फोर्थ क्लास कर्मचारी को लताड़ लगाई तथा एलटी के बारे में जानकारी ली।

सीएमओ के बुलाते ही पहुंच गया एलटी
सुबह आठ बजे से दस बजे तक गायब रहने वाला एलटी चिंटू कुमार तुरंत ही ब्लड कलेक्शन वार्ड में पहुंच गए। इस पर सीएमओ ने एलटी से स्पष्टीकरण मांगा तो एलटी ने बताया कि उसकी आज छुट्टी है। वहीं दूसरे एलटी का बच्चा बीमार हो जाने के कारण वह उसे लेकर जयपुर गया हुआ है।
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घटनाक्रम देख मरीजों ने भी किया हंगामा
जब इस बारे में अन्य मरीजों का पता चला तो वहां मौजूद उपस्थित मरीजों ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए वहां हंगामा कर दिया। इसे वहां मौजूद अन्य स्टाफ के लोगों ने शांत कराया। मरीजों का कहना था कि ऐसे तो उनके जीवन के साथ खिलवाड़ हो रहा है।

प्रसव पीड़िता आती हैं ब्लड जांच के लिए
ब्लड कलेक्शन सेंटर और जांच केंद्र में सबसे ज्यादा प्रसव पीड़िता अपने ब्लड ग्रुप की जांच कराने आती हैं। चिकित्सक उनको किसी भी आने वाले खतरे से निपटने के लिए पहले ब्लड जांच के बारे में कहता है। वहीं वहां मौजूद फोर्थ क्लास ही उनको ब्लड जांच कर ब्लड ग्रुप बताने लग रहा था। ऐसे में किसी भी खतरे में पीड़िता व उसके बच्चे के लिए थोड़ी सी भी गलत जानकारी बड़ा खतरा बन सकती है।

हो सकती है कोई भी बड़ी बीमारी
ब्लड जांच के समय बरती गई थोड़ी सी असावधानी या सिरिंज के न बदलने के कारण किसी अन्य मरीज से कोई भी भयंकर बीमारी अन्य को लग सकती है। इससे कोई भी जानलेवा बीमारी की चपेट में दूसरा व्यक्ति आ सकता है।

पहले भी उठ चुके हैं सवाल
नागरिक अस्पताल स्थित ब्लड कलेक्शन सेंटर को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। यहां पर पूर्व भी भी अनट्रेंड द्वारा ब्लड जांच करने तथा लैब कर्मचारियों के दुव्र्यवहार का मामला भी आ चुका है।
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