फोटो नंबर- 11नारनौल स्थित नगर परिषद कार्यालय।
नारनौल। अब शहरवासियों को आवारा कुत्तों और बंदरों के आतंक से जल्द निजात मिलेगी। इसके लिए नगर परिषद ने जगह की तलाश शुरू कर दी है। अब स्थान का चयन होते ही नगर परिषद द्वारा टेंडर छोड़ दिया जाएगा।
शहर में लंबे समय से बंदरों को पकड़ने का टेंडर नहीं छोड़ा गया है। इसकी वजह से कई स्थानों पर बंदरों का आतंक है। शहर में सबसे ज्यादा मोहल्ला फ्रांसखाना, जमालपुर, रामकरण दास कॉलोनी, सब्जी मंडी, मुख्य बाजार, चौधरियान आदि मोहल्लों में बंदरों से लोग परेशान हैं। इतना ही नहीं बंदर खाने की तलाश में घर में घुस जाते हैं और सामान को इधर-उधर फेंक देते हैं। वहीं बाजार में आवागमन करने वाले लोगों के हाथ से सामान छिन कर भाग जाते हैं। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बंदरों के काटने का खतरा भी बना रहता है। सबसे ज्यादा परेशानी का सामना छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को करना पड़ता है।
सरकारी कार्यालयों में भी बंदरों का आतंक
रिहायशी क्षेत्र के साथ-साथ नागरिक अस्पताल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और लघु सचिवालय आदि सरकारी कार्यालयों में भी बंदरों का आतंक बना हुआ है। कार्यालयों में आने वाले लोगों और कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बंदरों और कुत्तों को पकड़ने के लिए टेंडर जारी करने की योजना है। टेंडर जारी करने की स्वीकृति मिल चुकी है। बंदरों और कुत्तों को उपयुक्त स्थान पर छोड़ने के लिए स्थान का चयन किया जा रहा है। स्थान के चयन के बाद टेंडर जारी किया जाएगा।-दीपक गोयल, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद।