नारनौल। शहर में लगी स्ट्रीट लाइट के रखरखाव का टेंडर खत्म हुए चार माह से ज्यादा का समय हो चुका है। नया टेंडर न होने की वजह से बार-बार पुराने ठेकेदार का टेंडर आगे बढ़ाया जा रहा था। कुछ समय पहले नगरपरिषद अधिकारियों ने टेंडर लगाया था, लेकिन नप हाउस की आपत्ति के बाद उसे रद्द कर दिया था। अब एक बार फिर से नगरपरिषद ने स्ट्रीट लाइट रखरखाव का टेंडर लगा दिया है।
शहर में लगी स्ट्रीट लाइट के रखरखाव पर सालाना 47,34,384 रुपये की राशि खर्च की जाएगी। पिछले साल भी लगभग इतना बजट था। उसके बावजूद पूरा साल स्ट्रीट लाइट हा सही रखरखाव न होने की शिकायत नगर पार्षदों ने की। अब नया टेंडर लगने से उम्मीद है कि शहर की स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था में सुधार होगा। शहर में 10 हजार से ज्यादा स्ट्रीट लाइट लगी हुई हैं। इसमें से 40 प्रतिशत खराब भी हैं।
पार्षद जता चुके हैं नाराजगी
शहर के पार्षद स्ट्रीट लाइट ठेकेदार के कार्य को लेकर अपनी नाराजगी हाउस की बैठक में कई बार जता चुके हैं। यही नहीं दोबारा टेंडर तक न देने की बात पार्षदों ने कही थी। हालांकि चार माह से टेंडर खत्म होने के बावजूद नगर परिषद के अधिकारियों के पास पुराने ठेकेदार से काम कराने के अलावा कोई विकल्प भी नहीं बचा था। ऐसे में चार माह से लगातार पुराने ठेकेदार का टेंडर बढ़ाया जा रहा है।
पार्षदों के निरीक्षण में भी खुली थी पोल
पिछले दिनों शहर के दो पार्षदों ने शहर का रात को दौरा कर स्ट्रीट लाइटों का निरीक्षण किया था, जिसमें अधिकतर स्ट्रीट लाइट बंद मिली थी। इसके अगले पार्षदों ने चेयरपर्सन के साथ मिलकर जिला नगर आयुक्त के साथ बैठक की थी। जिला नगर आयुक्त ने ठेकेदार को बुलाकर जवाब मांगा था। ठेकेदार ने केबल और क्लीप न होने की बात कही थी।
स्ट्रीट लाइट मेंटेनेंस का टेंडर दोबारा लगाया गया है। इस पर 47 लाख रुपये से ज्यादा का बजट रखा गया है। फिलहाल पुराने ठेकेदार का टेंडर जारी है।
-सुंदर सिह, एक्सईएन, नगर परिषद, नारनौल।