गेहूं की सरकारी खरीद 1 अप्रैल से शुरू होनी है जो विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से की जानी है। लेकिन व्यापारिक दृष्टि से अग्रणी अटेली मंडी में अधिकारियों के पास खरीद के आदेश अभी तक नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में एक अप्रैल से सरकारी खरीद हो पाना मुश्किल है।मंडी में अनाज लाने वाले किसानों की सुविधा के लिए बनाई गई टीन शेड की भी अभी तक सुध नहीं ली गई है। मंडी में आने वाला किसानों का अनाज जिसके चलते असुरक्षित रहता दिखाई दे रहा है। गत एक वर्ष से टूटी पड़ी टीन शेड इस समय भी ज्यों की त्यों खस्ताहालत में दिखाई दे रही है।
अनाज मंडी में किसानों की सुविधा के लिए 200 फीट लंबी व 100 फुट चौड़ी तो दूसरी 200 फीट लबी व इतनी ही लबी टीन शेड बनी हुई है। जिसमें अनाज को सुरक्षित रखने का प्रावधान है। इन टीन शेडों के नीचे लाखों क्विंटल अनाज रखा जा सकता है। आंकड़ों के अनुसार गत वर्ष 50 हजार क्विंटल गेंहू की खरीद की गई थी वहीं 45 हजार क्विंटल सरसों की खरीद हुई। लेकिन इस बार 100 फीट चौड़ी टीन शेड जगह-जगह टूट चुकी है। ऐसे हालातों में अनाज मंडी के आढ़ती अभी से ही गेहूं खरीदने को तैयार है।इस संबंध में मार्केट कमेटी के सचिव चमन लाल ने बताया कि सरकारी खरीद को लेकर उनके पास कोई आदेश नहीं आए है। मंडी में सुविधाओं को लेकर उनको जो आदेश मिले है उनकी तैयारी कर रहे है।