शिक्षित युवाओं को बेरोजगारी का सामना न करना पड़ा इसके लिए शिक्षा विभाग ने स्कूलों में तकनीकी शिक्षा मुहैया कराने की तैयारी की है। नांगल चौधरी ब्लॉक के 6 स्कूलों में अगले सत्र से सामान्य पढ़ाई के साथ रोजगारमुखी शिक्षा भी दी जाएगी। विभाग ने योजना को अमलीजामा पहनाने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है।
गौरतलब है कि शिक्षा को बढ़ावा देने के मकसद से सरकार की ओर से गांव स्तर पर स्कूल स्थापित कर दिए गए। नांगल चौधरी ब्लॉक के विभिन्न स्कूलों में करीब 8 हजार विद्यार्थियों को सामान्य शिक्षा मुहैया करवाई जाती है। स्नातक डिग्री हासिल करने के बावजूद युवाओं को रोजगार नहीं मिलता। जिसके चलते निरंतर बेरोजगारी बढ़ रही है। इसका मुख्य कारण तकनीकी शिक्षा है, जिसके अभाव में युवाओं को निजी कंपनियों में नौकरी नहीं मिलती। समाधान के लिए केंद्र सरकार ने स्कूलों में तकनीकी शिक्षा देने संबंधित आदेश जारी किए हैं।
जिसके मुताबिक प्रदेश सरकार द्वारा स्कूलों में तकनीकी सह शिक्षा की योजना बनाई है। नौंवी कक्षा के दो सेक्शन वाली स्कूलों में योजना लागू होगी। नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क मिशन के तहत नौंवी कक्षा में एल-1, दसवी में एल-2, 10 प्लस 1 में एल-3,10 प्लस 2 में एल-4 डिप्लोमा मिलेगा। डिप्लोमा हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा पंजीकृत किया जाएगा। मेरिट के अनुसार एक कक्षा के 30 विद्यार्थी तकनीकी पढ़ाई कर सकेंगे। अन्य संस्थाओं से आकर दसवीं या 10 प्लस 1 में दाखिला लेने वाले विद्यार्थी योजना में शामिल नहीं होंगे।
इन स्कूलों में होगी तकनीकी पढ़ाई
विभागीय निर्देशानुसार जिला स्तर पर 21 तथा नांगल चौधरी खंड की 6 संस्थाओं में तकनीकी पढ़ाई होगी। जिनमें ब्वाय सीनियर सेकेंडरी स्कूल नांगल चौधरी, नायन, नियामतपुर, धोलेड़ा, थनवास, बूढ़वाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। संबंधित स्कूलों के प्राचार्यों को आवश्यक दिशा-निर्देश मिल गए हैं।
इन ट्रेडों के मिलेंगे डिप्लोमें
हरियाणा शिक्षा बोर्ड द्वारा विद्यार्थियों को एमएचएआरडी के तहत ब्यूटी पार्लर, आटो मोबाइल, रिटेल स्कोट्री, एचआर, इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी, पेशेंट केयर सहायक, कृषि मीडिया, ट्यूरिजम हास्पिटललिटी-ट्रेवल आदि हैं। निर्धारित स्कूलों को संसाधन, भवन, इंस्ट्रेक्टर सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
2016-17 शैक्षणिक सत्र में होंगे दाखिले
खंड शिक्षा अधिकारी सूरजभान यादव का कहना है कि पढ़ाई पूरी होने के बाद युवाओं को रोजगार मिल सके, इसलिए सरकार द्वारा नौंवी कक्षा से तकनीकी शिक्षा देने की योजना बनाई है। निर्देशानुसार 2016-17 शैक्षणिक सत्र में निर्धारित मापदंडानुसार दाखिले होंगे। उन्होंने बताया कि डिप्लोमा पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों से अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूला जाएगा।