फोटो नंबर- 08मुकाबले के दौरान रैफरी तमन्ना को विजेता घोषित करते हुए।
नारनौल। केशव नगर में सैनिक परिवार में जन्मी तमन्ना बचपन से ही खेलों में रुचि रखती थीं। 10वीं कक्षा तक वह कबड्डी खेलती रहीं। कबड्डी आज भी उनका पसंदीदा खेल है लेकिन किस्मत ने उनके लिए कोई और रास्ता तय कर रखा था। आज तमन्ना ताइक्वांडो, वुशू और आर्म्स बॉक्सिंग में अपनी पहचान बना चुकी हैं और उनका सपना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीतना है।
तमन्ना ने बताया कि 2017 में उनके पिता रिटायर हुए। एक दिन उन्होंने बेटी से कहा कि ऐसा खेल चुनो जिसमें आपकी सफलता दूसरे खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर निर्भर न हो। पिता की यह बात तमन्ना के मन में बैठ गई। इसके बाद 2018 में उन्होंने ताइक्वांडो सीखना शुरू किया। संवाद