फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mahendragarh-Narnaul News: डॉक्टर, इंजीनियर और आईएएस बनना चाहतीं हैं होनहार

Sun, 18 May 2025 11:48 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
विज्ञापन
फोटो संख्या:63- छात्रा कुमकुम--स्रोत- संस्थान
विज्ञापन
महेंद्रगढ़। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से शनिवार को घोषित 10वीं के परीक्षा परिणामों में जिले की बेटियों ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। साबित किया कि बेटियां भी बेटों से कम नहीं हैं। लक्ष्य हासिल करने की पहली सीढ़ी को पार कर लिया है।
विज्ञापन

500 में से 422 अंक पाके साथ सफलता प्राप्त करने वाली राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बुडीन की साक्षी का सपना सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करनी चाहती है। प्रतिदिन पांच घंटे पढ़ाई करके सफलता प्राप्त की है।
418 अंका के साथ सफलता प्राप्त करने वाली राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बुडीन की छात्रा महक सीए बनकर पिता राजेंद्र व माता आशा देवी का सपना पूरा करना चाहती है। वह विद्यालय के साथ-साथ घर पर प्रतिदिन छह घंटे पढ़ाई कर सफलता प्राप्त की है। वह परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन और टीवी से दूरी बनाया रखा है।
विज्ञापन

418 अंकों के साथ सफलता प्राप्त करने वाली राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बुडीन की रेखा डॉक्टर बनकर निस्वार्थ सेवा कर पिता गौतम व पिता सत्यवती का नाम रोशन करना चाहती है। सपने का पूरा करने के लिए वह पहली सीढ़ी पार कर चुकी है। प्रतिदिन वह छह घंटे पढ़ाई करके सफलता हासिल की है।
पीएम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय महेंद्रगढ़ की छात्रा मालती ने 500 में से 400 अंक प्राप्त किया है। वैज्ञानिक बनकर माता-पिता का सपना पूरा करना चाहती है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दौंगड़ा अहीर की दिव्या ने 460 अंक प्राप्त किया है। कहा कि इंजीनियर बनकर माता पिंकी व पिता रामांद का सपना पूरा करना है। वह प्रतिदिन चार घंटे पढ़ाई के साथ सफलता हासिल की है। पिता साधारण किसान हैं।
साधारण किसान की बेटी व राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दौंगड़ा अहीर की छात्रा संयोगिता ने 457 अंक प्राप्त पाया है। वह इंजीनियर बनकर पिता व माता का नाम रोशन करना चाहती है। वह प्रतिदिन छह घंटे पढ़ाई करके अपने सपने की पहली सीढ़ी पूरी कर चुकी है।

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मुंडिया खेड़ा की छात्रा प्रीति यादव ने 500 में से 441 अंक पाया है। वह महाविद्यालय व विद्यालय में शिक्षक बनना चाहती है। शिक्षक बनकर माता-पिता का नाम रोशन करना है। वह प्रतिदिन छह घंटे पढ़ाई कर सफलता हासिल की है। सफलता का श्रेय माता-पिता व गुरुजनों को दिया है।

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मुंडिया खेड़ा की छात्रा कुमकुम ने दसवीं की परीक्षा में 500 में से 437 अंक पाए हैं। वह आईएएस अधिकारी बनकर समाज की सेवा करना चाहती है। इस सफलता के पीछे माता-पिता का श्रेय दिया है। जिन्होंने मजदूरी करते हुए उनका मनोबल बनाए रखा। विद्यालय में कोई जानकारी लेनी होती थी तो वह शिक्षकों से पूछती रहती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें