नांगल चौधरी तहसील कार्यालय में पिछले चार दिन से बिजली सप्लाई ठप पड़ी है। रजिस्ट्री और डोमिसाइल नहीं बनने के कारण लोग परेशान हो रहे हैं। अधिकारियों ने जनरेटर की सुविधा तो उपलब्ध करवा दी लेकिन इसके एवज में लोगों से कीमत भी वसूली जा रही है। इससे लोगों में रोष है।
सुभाषचंद, बिक्रम सिंह, महेश कुमार, अशोक, बिमलादेवी, कविता, विनोद आदि ने बताया कि सोमवार को रिहायसी प्रमाण पत्र और जमीनी रजिस्ट्री करवाने तहसील कार्यालय पहुंचे थे। बिजली सप्लाई बंद होने के तर्क देकर कर्मचारियों ने वापस घर भेज दिया। इसके बाद तीन दिन से लगातार विभाग के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कर्मचारी उनकी समस्या का समाधान करने को तैयार नहीं।
बृहस्पतिवार दोपहर तहसीलदार से समस्या के समाधान की गुहार लगाई। उनके आदेशानुसार कर्मचारियों ने जनरेटर मंगवा लिया, जिसके किराया भुगतान को लेकर आमजन से चार्ज वसूली हो रही है। उन्होंने बताया कि रेलवे भर्ती के आवेदन जमा करवाने की अंतिम तिथि सोमवार को समाप्त हो जाएगी। फार्म भरने के लिए रिहायसी, जाति प्रमाण पत्रों की आवश्यकता पड़ेगी। अधिकांश बेरोजगार जनरेटर का चार्ज चुकाने में सक्षम नहीं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुविधा के लिए नांगल चौधरी उप तहसील को अपग्रेड किया गया था। जिसके अंतर्गत 150 से अधिक गांव व ढाणियां शामिल हैं। लेकिन अधिकारियों की लचर व्यवस्था के चलते आमजन को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
शुल्क अदायगी के बाद कनेक्शन संभव
निगम के एसडीओ हनुमान यादव ने बताया कि बिजली कनेक्शन के लिए विभाग ने फाइल भेज रखी है, लेकिन शुल्क जमा नहीं करवाया। जिसके बिना कनेक्शन देना संभव नहीं है। छापेमार कार्रवाई के दौरान बिजली चोरी साबित होने पर एल-1 रिपोर्ट दर्ज कर ली है।