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बलिदान देने जा रहे युवक को पुलिस ने रोका

Sun, 19 Feb 2017 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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थाने में खड़े जाट समुदाय के लोग
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आरक्षण के लिए संघर्ष कर रहे जाट समाज की मांगे सरकार द्वारा नहीं माने जाने पर कथित रूप से बलिदान करने जा रहे रमेश महलावत को एवं उनके काफिले को पुलिस ने दादरी क्षेत्र के गांव रामनगर के पास रोक लिया। महेंद्रगढ़ पुलिस ने महलावत को समाकर महेंद्रगढ़ थाने ले आई।
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गौरतलब है कि रमेश महलावत ने 18 फरवरी तक सरकार द्वारा मांगे नहीं माने जाने पर 19 फरवरी को शहीदी दिवस के अवसर पर बलिदान करने की घोषणा की थी। इसी के तहत वह रोहतक के जसिया में आयोजित शहीदी दिवस में शामिल होने के लिए जा रहा था। थाना परिसर में महलावत ने बताया कि यशपाल मलिक के नेतृत्व में चल रहे संघर्ष में समाज की सात मांगे सरकार द्वारा नहीं मानी जा रही है इसलिए वह समाज के लिए बलिदान देना चाह रहे थे। उन्होंने कहा कि अपनी मांगो के लिए 21 दिन से समाज की महिला, पुरूष, वृद्ध, युवक संघर्ष कर रहे हैं लेकिन खट्टर सरकार की आंखे नहीं खुल रही है। इसलिए बलिदान देने के सिवाय उनके पास और कोई उन्हें रास्ता दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस उसे रामनगर से यह कहकर लाई है कि आपकी बाते प्रशासन एवं सरकार के पहुंचाई जाएगी। रमेश महलावत नांगल चौधरी में आरक्षण की मांग को लेकर दिए जा रहे धरने के सहसंयोजक है। उप पुलिस अधीक्षक सतेन्द्र कुमार ने बताया कि वे अभी रमेश महलावत को गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस उसे समाने के लिए थाने में लेकर आई है।
खट्टर सरकार पर लगाया आरोप
रमेश महलावत ने बताया कि रोहतक जाते समय पुलिस प्रशासन ने हमें रामनगर के पास रोक लिया। वहां से चरखीदादरी का धरना स्थल मात्र आधा किलोमीटर की दूरी पर ही था। पुलिस के साथ उनका हंगामा हुआ और उन्हें वापस ले जाने के लिए जबदस्ती करने लगे।  इस दौरान सैकड़ों लोगों की भीड़ वहां एकत्रित हो गई। चरखी दादरी की पुलिस भी वहां पहुंच गई थी, अगर यह सूचना चरखी दादरी के धरने पर पहुंच जाती तो कोई बड़ा हंगामा हो सकता था। इसलिए हम स्वयं सोच समाकर वापस आ गए ताकि हमारे धरने में कोई दिक्कत न हो। महलावत ने बताया कि खट्टर सरकार यह चाहती कि जाट समुदाय कोई बड़ा हंगामा करे ताकि शांतिपूर्वक चल रहे धरने प्रदर्शन में बाधा डाली जा सके। जब हम उन्हाणी गांव से चले थे तो उस दौरान पुलिस ने उन्हें क्यों नहीं रोका? क्योंकि वो चाहते थे कि जाटलैंड के पास उनको रोकेंगे ताकि वहां के धरना प्रदर्शन करने वाले भड़क जाएं।
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