क्षेत्र में जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है। उसी तरह पानी की समस्या भी क्षेत्र में गहरा रही है। अभी से ही लोगों को डिमांड अनुसार पानी नहीं मिल पर रहा है। इस कारण शहर में पानी की आपूर्ति सप्ताह में एक बार तो कई जगह चार से पांच दिन में एक बार हो रही है। पानी की सही आपूर्ति न होने के कारण लोगों में हाहाकार मचा हुआ है। हालात यह हो चुके हैं कि नहरों में पानी नहीं आने के कारण पिछले चार दिनों से शहर में पानी सप्लाई नहीं हो रही है। रेवाड़ी रोड पर बने वाटर टैंक स्थित बोरवेलों के माध्यम से ही शहर में कुछ स्थानों पर थोड़ी-थोड़ी पानी सप्लाई हो रही थी। शहर में एक करोड़ 35 लाख लीटर पानी की डिमांड रोजाना है, जबकि लोगों को बहुत कम पानी मिल रहा है।
रविवार सायं को ही क्षेत्र की नहर में पानी पहुंचा था, जोकि एमसी-2 व एमसी-6 के बीच तकनीकी फाल्ट आने के चलते सोमवार को करीब साढ़े बारह बजे ही नहरी पानी को रोक दिया गया है। जिसकी 12 से 24 घंटों में दोबारा से नहरी पानी आने की उम्मीद लगाई जा रही है। विभाग की फिलहाल शहर में प्रति व्यक्ति 135 लीटर पानी प्रतिदिन उपलब्ध करवाया जा रहा है, मगर कई शहर के कई मोहल्लों में हालात बहुत ही बेकार हैं, यहां पर तीन-चार दिन में एक बार पानी आ रहा है। अगर जल्द ही नहर में दोबारा से पानी नहीं आया तो शहर के लोग पानी की एक-एक बूंद को तरस जाएंगे। पानी के लिए शहर सहित गांवों में भी हाहाकार मचा हुआ है।
तीन-चार दिन में आ रहा एक बार पानी
नहरों में पानी नहीं आने के चलते वर्तमान में नारनौल शहर में पीने का पानी कहीं पर तीन से चार दिन में एक बार तो कहीं पर एक सप्ताह में एक बार आपूर्ति होने लगा है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी जहां नहरी पानी आपूर्ति होता है, वहां पर पानी कई-कई दिनों में आ रहा है, जबकि नांगल चौधरी व दोहान क्षेत्र में भूमिगत जल बहुत नीचे चले जाने के कारण वहां पर भी नलकूप भी फेल हो गए है। इसके कारण ग्रामीण क्षेत्र में भी पानी की आपूर्ति सुचारु रूप से नहीं हो पा रही है।
नहरी पानी पर आधारित क्षेत्र की पानी व्यवस्था
क्षेत्र में पानी की आपूर्ति नहरी पानी पर आधारित है। शहर के अधिकांश क्षेत्र में नहरी पानी की आपूर्ति होती है। नहरी पानी आपूर्ति करने के लिए गांव नसीबपुर में दो बड़े वाटर टैंक और रेवाड़ी रोड पर स्थित जलघर में चार वाटर टैंक सहित चार ट्यूबवेल लगाए गए है।
कुछ हिस्सों में होती है ट्यूबवेल से आपूर्ति
शहर में कुछ हिस्सों में ट्यूबवेल से भी आपूर्ति होती है। जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा पेयजल आपूर्ति के लिए ट्यूबवेल भी लगाए गए हैं। इनसे शहर के दक्षिणी हिस्से में पेयजल की आपूर्ति की जाती है। फिलहाल ट्यूबवेल से होने वाली पानी की आपूर्ति पर कम फर्क पड़ रहा है।
डिमांड अनुसार नहीं आया नहरों में पानी
गर्मी में पानी की डिमांड बढ़ने और जेएलएन नहर क्षतिग्रस्त हो जाने से क्षेत्र में नहरी पानी निर्धारित समय अवधि अनुसार नहीं आ पाया। इस कारण क्षेत्र में पानी समस्या उत्पन्न हो रही है, क्योंकि क्षेत्र की पानी व्यवस्था केवल नहरी पानी पर ही टिकी हुई है।
रेवाड़ी रोड और नसीबपुुर वाटर टैंक से हो रही आपूर्ति
शहर में पानी आपूर्ति के लिए रेवाड़ी रोड पर चार टैंक व नसीबपुर में दो वाटर टैंक बनाए गए है। इनमें रेवाड़ी रोड स्थित चार वाटर टैंकों में दो में 366.76 लाख लीटर पानी, तीसरे वाटर टैंक में 406.64 लाख लीटर पानी तथा चौथे टैंक में 778.85 लाख लीटर पानी की क्षमता है। इसके अलावा नसीबपुर स्थित बनाए गए वाटर टैंकों में एक टैंक की पानी क्षमता 1599.86 लाख लीटर तथा दूसरे की 1675.46 लाख लीटर पानी की क्षमता है। इसके अलावा कादीपुरी में भी वाटर टैंक बनाया गया है।
सप्ताह में एक-दो दिन हो रही पानी सप्लाई
शहर के मोहल्ला खड़खड़ी, किलारोड, माली टिब्बा, कोलियान सहित अनेक मोहल्लों में सप्ताह में एक-दो दिन ही पानी की सप्लाई हो रही है। इसके कारण इन मोहल्लों में पेयजल संकट गहरा गया है। वहीं मोहल्ला देव स्थान, आजाद चौक, पुरानी सराय, सब्जी मंडी, पुल बाजार, महावीर मार्ग, जमालपुर, मोती नगर, दया नगर सहित अनेक क्षेत्रों में सुचारु रूप से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है।
एक माह में 16 दिन आ रहा नहरों पानी
नहरों में पानी चलने का शेड्यूल एक माह में 16 दिन निर्धारित किया गया है, यानी नहरों में 16 दिन तक पानी चलता है तथा 14 दिन तक पानी नहीं चलता। इसके चलते 16 दिन तक चलने वाले पानी से ही पूरे माह के लिए शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए टैंकों में पानी स्टोर कर लिया जाता है। इस बार जेएलएन नहर क्षतिग्रस्त होने के कारण क्षेत्र की नहरों में निर्धारित समय अवधि तक पानी नहीं आ पाया। इसके चलते शहर की पानी व्यवस्था गड़बड़ा गई है।