जिले में गर्मी अपने चरम पर है। शनिवार को नारनौल का अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री व न्यूनतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भीषण गर्मी की वजह से बड़ों के साथ बच्चों के स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ा है। जिला अस्पताल नारनौल की सामान्य दिनों में करीब 300 के आसपास चलने वाली ओपीडी में भीषण गर्मी में करीब 400 से पार हो चुकी है। इनमें प्रतिदिन 30 से 40 प्रतिशत नवजात शिशु बुखार की चपेट में आये है। गर्मी की वजह से बच्चे में हीट स्ट्रोक हो रहे है।
नागरिक अस्पताल के नवजात शिशु इकाई प्रमुख डॉ. संदीप यादव ने बताया कि पिछले पांच दिनों से भीषण गर्मी की वजह से बच्चों में बुखार की समस्या देखने को मिल रही है। जिससे बच्चों की ओपीडी सामान्य दिनों की अपेक्षा 40 से 50 प्रतिशत बढ़ी है। जिसमें ज्यादातर बच्चे बुखार से पीड़ित है। नवजात बच्चों में बुखार की समस्या को देखते हुए नागरिक अस्पताल में अलग से वार्ड बनाया गया है। जिसमें बुखार से पीड़ित नवजात शिशु को रखा जा रहा है साथ ही बड़े बच्चों के लिए भी अलग से वार्ड बनाया गया है ताकि किसी भी बच्चे को भीषण गर्मी से बचाया जा सके। डॉ. संदीप यादव ने बताया कि बुखार आने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। साथ ही बच्चे को तरल पदार्थ ज्यादा से ज्यादा पिलाना चाहिए। उन्होंने बताया कि नवजात शिशु में बुखार बहुत कम देखने को मिलता है, लेकिन गर्मी की वजह से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। जिसके कारण बुखार आ जाता है। इससे नवजात शिशु में पीलिया की आशंका भी बढ़ जाती है। नवजात शिशुओं के लिए यह समय काफी संवेदनशीन होता है। गर्मी का बढ़ता ताप उनका शरीर सह नहीं पाता और वे हीट स्ट्रोक के शिकार हो जाते हैं। ऐसे समय में मां को कुछ विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
नवजात शिशुओं में हीट स्ट्रोक के लक्षण
- बच्चों में 100 डिग्री से अधिक बुखार आना।
-दूध का कम पीना।
- पेशाब कम करना व गाढ़ा पीला पेशाब करना।
- बच्चे का सुस्त होना व चिड़चिड़ापन होना।
- शरीर पर लाल दाने आना।
हीट स्ट्रोक से सावधानी
- नवजात शिशु को बार-बार मां का दूध पिलाएं।
- बच्चे को 26 से 28 डिग्री तापमान में रखें।
- बच्चे को ज्यादा कपड़ों में ना लपेटे।
- बच्चे को रोज नहलाएं व तेल की मालिश करें।
- गर्म लगने पर गीली पट्टी करें।
- बच्चे के पेशाब का ध्यान रखें।
- बच्चे के कमरे में एसी/कुलर जरूर चलाये तथा बच्चे को सीधी हवा न लगने दें।
- बच्चों के खानपान का विशेष ध्यान रखे तथा तरल पदार्थ ज्यादा से ज्यादा पिलाये।
- बच्चे को धूप में ना निकाले।
भीषण गर्मी की वजह से बच्चों में हीट स्ट्रोक होने से बुखार की समस्या आ रही है। जिससे बच्चों की ओपीड़ी में भी बढ़ोतरी हो रही है। जिसको देखते हुए नागरिक अस्पताल में नवजात शिशु व बच्चों के लिए अलग से वार्ड बनाया गया है।
नवजात शिशु इकाई प्रमुख डॉ. संदीप यादव