फोटो नंबर-04शहर में लगी एक अस्थाई दुकान पर गन्ने का जूस पीती युवतियां। संवाद
नारनौल। जैसे-जैसे गर्मी अपने तेवर दिखा रही है मुख्य सड़कों पर जूस की अस्थायी दुकानों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। शहर में सौ से अधिक जूस स्टॉल सज चुके हैं। सबसे अधिक मांग गन्ने के जूस की देखी जा रही है जो कम कीमत और तुरंत राहत देने वाले पेय के रूप में लोगों की पहली पसंद बना हुआ है।
जूस विक्रेताओं राजेश, मोहन, भारत और योगेश के अनुसार, गर्मी का मौसम उनके व्यवसाय के लिए सबसे लाभदायक समय होता है। गन्ने का जूस 30 से 50 रुपये प्रति गिलास तक बिक रहा है,जिससे यह हर वर्ग के लोगों की पहुंच में है। पपीता, बेल, आम, मौसमी और पाइनएप्पल जैसे फलों के जूस भी बाजार में उपलब्ध हैं जिनकी कीमत 50 से 100 रुपये प्रति गिलास तक है।
विक्रेताओं का कहना है कि गन्ने के बाद बेल और पपीते के जूस की मांग भी लगातार बढ़ रही है। लोग इन प्राकृतिक पेय पदार्थों का सेवन न केवल प्यास बुझाने के लिए बल्कि गर्मी से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए भी कर रहे हैं।