शहर के पार्कों का बुरा हाल है। किसी पार्क में कहीं घास नहीं है तो कहीं पर कांटेदार झाड़ियां खड़ी हैं। वहीं जो एकआध पार्क ठीक हैं, वहां पर पार्क की दीवार आदि टूटी होने के कारण आवारा पशुओं का जमावड़ा रहता है। शहर के सुभाष पार्क में रात के समय आवारा पशुओं का झुंड घूमता रहता है। वहीं सुबह सुबह पार्क में जाने वाले लोगों का सामना भी कई बार इन पशुओं से हो जाता है। जिससे लोगों को काफी परेशानी होती है।
सुभाष पार्क नारनौल शहर का पुराना पार्क है। यहां पर सुबह-शाम अनेक लोग घूमने व प्रकृति का आनंद लेने के लिए आते हैं। लेकिन स्थानीय प्रशासन की कुछ अनियमितताओं के चलत पार्क की दशा खराब चल रही है। पार्क के अंदर रोशनी की कमी है। जिसके कारण कोई भी आपराधिक तत्व आपराधिक गतिविधि आसानी से कर सकता है। पार्क की प्रवेश के लिए उचित गेट नही हैं जिस कारण आवारा पशु आये दिन यहां घूमते हुए व लड़ते हुए नजर आते हैं।
मैं अपने साथियों के साथ प्रतिदिन शाम को सुभाष पार्क में टहलने के लिए जाता है, मगर वहां पर बने छोटे वाले पार्क में लाइट नहीं है। इससे वहां अत्यधिक अंधेरा रहता है। जिससे कोई भी क्राइम हो सकता है।
---प्रवेश जैन, सामाजिक कार्यकर्ता
सुभाष पार्क में बहुत अंधेरा रहता है व आवारा पशु इधर उधर लड़ते रहते हैं। प्रशासन को इस तरफ ध्यान देना चाहिए, ताकि लोगों को परेशानी न उठानी पड़ी।-संदेश बत्रा
प्रशाशन को जन सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए विशेष तौर पर सुभाष पार्क में दो आदमी की ड्यूटी पूरा दिन के लिए लगानी चाहिए, जिससे आवारा पशु व आपराधिक तत्व पार्क से दूर रहें। -विपुल बंसल
''लोग पार्क में सुबह-शाम टहलने के लिए आते हैं, मगर रात को यहां पार्क में गाय व सांड़ घुस जाते हैं। जिससे रात को पार्क में उनके गोबर आदि की गंदगी हो जाती है। इससे लोगों को काफी परेशानी होती है।
-मनोज कुमार
पार्कों के रखरखाव का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। अगर कहीं कोई कमी है तो उसका ठीक कराया जाएगा।
-केके यादव, सचिव, नगर परिषद, नारनौल