महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) महेंद्रगढ़ ने अपनी स्थापना के पंद्रह वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। 25 फरवरी 2009 से शुरु हुई इस यात्रा के पंद्रह वर्ष पूर्ण होने पर विश्वविद्यालय में दो दिवसीय वार्षिकोत्सव का शुभारंभ हुआ।
विद्यार्थियों के विभिन्न समूहों ने देश के विभिन्न राज्यों से जुड़े सांस्कृतिक नृत्य व गीत आदि के माध्यम से विविधता में एकता का परिचय देते हुए भारत की श्रेष्ठ सांस्कृति झलक प्रस्तुत की। कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि पिछले 15 वर्षों का यह सफर विवि के लिए उपलब्धियों से भरा रहा है। लगातार प्रगति के पथ पर अग्रसर है और पंद्रह वर्षों का सफर इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन के हर पल में सीखने के अवसर उपलब्ध रहते हैं। कुछ नया सीखें और आगे बढ़ें। मुख्य अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय की लोकपाल डॉ. ऊषा अरोड़ा व हरियाणा कला परिषद के पूर्व निदेशक अनिल कौशिक उपस्थित रहे। आयोजन में विश्वविद्यालय की सम कुलपति प्रो. सुषमा यादव व कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार भी उपस्थित रहे।
हकेंवि लगातार प्रगति के मार्ग पर अग्रसर : प्रो. सुषमा यादव
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित विश्वविद्यालय की समकुलपति प्रो. सुषमा यादव ने विद्यार्थियों के उत्साह को विश्वविद्यालय की प्रगति से जोड़ते हुए कहा कि जिस तरह से विद्यार्थी निरंतर उल्लेखनीय प्रदर्शन कर रहे हैं। उससे स्पष्ट है कि विश्वविद्यालय उन्नति के मार्ग पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी शिक्षित बनें, दीक्षित बनें, सभ्य बनें और सुसंस्कृत बनें।
देशभर के प्रसिद्ध शिक्षण संस्थानों से टीमें हुईं शामिल
प्रो. आनंद शर्मा ने बताया कि आयोजन में हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय सहित महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय, इंदिरा गाँधी विश्वविद्यालय, बी.आर. अम्बेडकर विश्वविद्यालय, गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गुरुग्राम विश्वविद्यालय, चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय तथा निफ्टेम सहित 12 शिक्षण संस्थानों की टीमें हिस्सा ले रही हैं। आयोजन में म्यूजिक, डांस, साहित्यिक कार्यक्रम, थियेटर, फाइन आर्ट के तहत वोकल म्यूजिक, ग्रुप डांस, लोकनृत्य, कविता पाठ, वाद-विवाद, स्किट, माइम, पेंटिंग, कोलाज मेकिंग, रंगोली, महेंदी, फोटोग्राफी, पोस्टर मेकिंग आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है।