नारनौल। राजकीय महाविद्यालय नारनौल में छात्र-छात्राओं को यौन शोषण के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए जागरूक किया। यह आयोजन यूथ रेडक्रॉस के सानिध्य में और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सौजन्य से किया गया।
इस मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से एडवोकेट गिरीबाला यादव ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को यौन शोषण के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए जागरूक करना है। भारत सरकार द्वारा इस प्रकार के शोषण के लिए कठोर कानून बनाए हुए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ सालों में हरियाणा राज्य विशेषकर जिला महेंद्रगढ़ में यौन उत्पीड़न या यौन शोषण से जुड़े मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। इसके किसी भी उम्र के लोग शिकार बन सकते हैं। यौन शोषण का शिकार होने के बाद अधिकतर लोग इसे लेकर चुप रहते हैं। प्राचार्य डॉ. पूर्ण प्रभा ने बताया कि दुनियाभर में महिलाओं और बच्चों के साथ रोजाना कई प्रकार के यौन शोषण के मामले सामने आते रहते हैं।
यूथ रेडक्रॉस के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्र मोहन, प्रो. डॉ. मुकेश कुमारी यादव ने कहा कि यौन हिंसा के परिणामस्वरूप पीड़ित व्यक्ति में मानसिक तनाव, सतर्कता बढ़ना, नींद की कमी, आत्म-निर्भरता की कमी सहित अनेक असामान्य स्थितियां देखी जा सकती हैं। महाविद्यालय उपप्राचार्य डॉ. जगजीत सिंह मोर ने बताया कि यौन हिंसा व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन, पारिवारिक संबंध, सामाजिक संबंध और पेशेवर जीवन पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है। इस मौके पर महाविद्यालय कुल सचिव डॉ. सत्य पाल सुलोदिया, प्रो. अमित कुमार, प्रो. संजय तंवर, डॉ. मनोज कनोजिया आदि मौजूद रहे।