महेंद्रगढ़। शहर को बेसहारा गोवंश मुक्त बनाने की नगर पालिका की योजना अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। पालिका के अनुसार शहर की सड़कों पर अनुमानित 500 बेसहारा गोवंश घूम रहे हैं। इनके कारण बाजारों, चौराहों और मुख्य सड़कों पर वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नगर पालिका ने पिछले वर्ष करीब 300 गोवंश को गोशालाओं में भेजा था लेकिन इसके बाद भी बड़ी संख्या में पशु सड़कों पर मौजूद हैं। शहर में पांच पंजीकृत गोशालाएं हैं जिनमें से दो को सरकारी अनुदान भी मिल रहा है।
पालिका ने गोवंश पकड़ने के लिए जनवरी में टेंडर जारी किया था। कुछ पशुओं को पकड़ा भी गया, लेकिन अभियान आगे नहीं बढ़ पाया। अधिकारियों का कहना है कि गोशालाएं नए गोवंश रखने में रुचि नहीं दिखा रही हैं।
वहीं, गोशाला संचालकों ने इस आरोप से इन्कार किया है। उनका कहना है कि नगर पालिका पहले पशुओं का सर्वे कराए और चिकित्सकों की सलाह के अनुसार गोवंश भेजे।
गोशाला संचालक बोले-नहीं मिल रहा सहयोग
गोशाला में फिलहाल 400 गोवंश मौजूद हैं और समिति अपने स्तर पर इनका रखरखाव कर रही है। इसमें न सरकारी अनुदान दे रही है और न ही नगर पालिका की ओर से सहयोग है। नगर पालिका को गोवंश छोड़ने के लिए कभी मना नहीं किया गया। अगर गोवंश छोड़ना चाहते हैं तो चिकित्सक परामर्श करवाकर छोड़ सकते हैं।
-नवीन राव, प्रधान, बुचियावाली गोशाला
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गोशाला में फिलहाल 1150 गोवंश मौजूद हैं। नगर पालिका की ओर से सितंबर 2025 में गोशाला में 300 गोवंश टैग करके छोड़े गए थे। नगर पालिका को गोवंश छोड़ने के लिए कभी मना नहीं किया गया है। यहां पर तो सरकार की ओर से प्रति गाय पर 30 रुपये डाइट भत्ता मिलता है। नगर पालिका गोवंश छोड़ने के लिए इस गोशाला का प्रयोग सकती है। नगर पालिका को सभी गोशालाओं में अनुदान के अनुसार गोवंश छोड़ने चाहिए।
-डॉ. तरुण यादव, महासचिव, श्रीगोशाला
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वर्जन:
अगर गोशाला सही तरीके से गोवंशों को रखने के लिए तैयार हैं तो इनको पकड़ने के लिए जल्द ही टेंडर लगा दिया जाएगा। इसमें नगर पालिका अधिकारी देरी नहीं करेंगे और न ही किसी प्रकार का भेदभाव किया जाएगा। संचालकों से बातचीत कर सभी गोशालाओं में क्षमता के अनुसार गोवंश छोड़े जाएंगे।
-रमेश सैनी, प्रधान, नगर पालिका, महेंद्रगढ़
फोटो संख्या:55- प्राथमिक पाठशाला के नजदीक सड़क के बीच बैठे बेसहारा गोवंश--संवाद- फोटो : 1