फोटो 03 हुडा सेक्टर में खड़ा गोवंशों का झुंड। संवाद
नारनौल। जिले में लावारिस पशु आमजन की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। सड़कों पर इनके घूमने से यातायात बाधित होता है और दुर्घटनाओं का डर बना रहता है। शहर के हुडा सेक्टर में लावारिस पशु झुंड बनाकर घूमते रहते हैं।
लोगों ने बताया कि आपसी लड़ाई में गोवंश उनकी गाड़ी तोड़ चुके हैं। इस कारण आमजन को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है, जबकि अधिकारी अभियान के नाम पर खानापूर्ति कर रहे हैं। नगर परिषद लावारिस पशुओं को पकड़ कर गोशालाओं में पहुंचाने का अभियान तो चलाता है लेकिन अभियान कभी सिरे नहीं चढ़ पाया है।
शहर में रेवाड़ी रोड व निजामपुर रोड पर दो गोशालाएं मौजूद हैं और इनमें करीब दो हजार पशु हैं। साथ ही नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम के पास उपचार शाला और सिंघाना रोड पर गांव रघुनाथपुरा के पास एक नंदी शाला है। इनमें एक हजार गोवंश मौजूद हैं। गोशालाओं में जगह होने के बावजूद लावारिस पशु सड़कों व मोहल्लों में घूम रहे हैं।
गोशालाओं में लोग करते हैं दान
गोशालाओं में सरकार के अलावा आमजन, विधायक, अधिकारी व सामाजिक संस्थाओं की ओर से दान दिया जाता है। आमजन व संस्थाएं समय समय पर पशुओं के लिए सवामनी व हरे चारे की भी व्यवस्था करते हैं। ऐसे में सड़कों पर घूम रहे लावारिस पशु कचरा खाने को मजबूर हैं।
वर्जन
दिन के समय बेटी की स्कूटी घर के बाहर ही खड़ी रहती है। कुछ ही दिन पहले दो लावारिस पशु आपस में भिड़ गए। बेटी की स्कूटी पर ही जा गिरा। इससे स्कूटी में 5 हजार का खर्चा हुआ था। लावारिस पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में भिजवाएं।
-सुमित्रा देवी, स्थानीय निवासी
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दो माह पहले दो लावारिस पशुओं की आपसी लड़ाई में घर के बाहर खड़ी नई कार का बोनट व शीशा टूट गया था। हादसे के बाद से गाड़ी घर के अंदर ही खड़ी करते हैं।
-सुशीला देवी, स्थानीय निवासी
लावारिस पशुओं को पकड़ने का अभियान जारी है। हुडा सेक्टर में लावारिस पशु घूम रहे हैं तो उन्हें जल्द पकड़वा कर गोशाला भिजवाया जाएगा।
कमलेश सैनी, चेयरपर्सन, नप, नारनौल।