महेंद्रगढ़। बजट में शहरी विकास और नगर निकायों को सशक्त बनाने के लिए की गई घोषणाएं शहर के विकास को नई रफ्तार मिलेगी। जनहितैषी फैसलों का स्वागत करते हुए नगर पालिका महेंद्रगढ़ के प्रधान रमेश सैनी ने मुख्यमंत्री का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट शहरों की तस्वीर बदलने वाला और आमजन को सीधे लाभ पहुंचाने वाला सिद्ध होगा।
बजट में पार्षदों को आपातकालीन फंड देना भी शहर में वार्डों के विकास के लिए सराहनीय है। अब प्रत्येक नगरपालिका पार्षद को 1.5 लाख रुपये का वार्षिक फंड दिया जाएगा। इस राशि को पार्षद अपने विवेक से वार्ड के छोटे लेकिन जरूरी विकास कार्यों या आपातकालीन जरूरतों पर खर्च कर सकेंगे।
शहरों में दशकों से नगर निकायों की जमीन पर कब्जा करके रह रहे लोगों के लिए मुख्यमंत्री ने नई नीति लाने की घोषणा की है। इस नीति के तहत पात्र लोगों को उनकी जमीन का मालिकाना हक दिया जाएगा जो शहरी निवासियों के लिए एक बड़ा सपना सच होने जैसा है।
इसके साथ ही, आर्थिक राहत देते हुए सरकार ने प्रॉपर्टी टैक्स की 31 मार्च 2025 तक की पूरी बकाया ब्याज राशि को माफ करने का निर्णय लिया है जिससे संपत्ति धारकों पर पड़ा बोझ कम होगा।
वहीं नगर निकायों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार ने स्टाम्प ड्यूटी शुल्क का 2 प्रतिशत सीधे निकायों के खातों में भेजने का फैसला किया है। इससे निकायों के पास विकास कार्यों के लिए बजट की कमी नहीं रहेगी।
साथ ही, सामाजिक सरोकार को निभाते हुए अब नगर निकायों को स्वर्ग रोहिणी (शव वाहन) उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे आमजन को कठिन समय में सुविधा मिल सके।
वार्डों में होने वाले कार्यों में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और पारदर्शिता लाने के लिए 3 से 7 सदस्यीय वार्ड कमेटियों का गठन किया जा चुका है। अब स्थानीय मुद्दों के समाधान के लिए संबंधित वार्ड में ही एरिया सभा आयोजित की जाएगी।
इससे जनता और प्रशासन के बीच की दूरी कम होगी और विकास कार्यों में आम आदमी की राय शामिल होगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का यह बजट शहरों के विकास को नई ऊंचाई देगा। पार्षदों को फंड देना और अवैध कब्जों को मालिकाना हक में बदलना एक क्रांतिकारी कदम है।