वर्ष 2020 में अधिक बारिश होने की वजह से खराब हुई कपास के मुआवजे की मांग को लेकर किसानोें और समाज से जुड़े अन्य लोगों ने दूसरी बार मुख्यमंत्री के नाम डीसी को ज्ञापन सौंप।
उपायुक्त अजय कुमार को सौंपे ज्ञापन में उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 में जुलाई व अगस्त में अधिक बारिश होने के कारण क्षेत्र में कपास की फसल खराब हो गई थी। सरकार द्वारा किसानों को मुआवजा देने के लिए स्पेशल गिरदावरी करवाकर बजट भी तैयार किया था, लेकिन किसान दो वर्षों से मुआवजे के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। राजस्व विभाग द्वारा खराब हुई फसलों की गिरदावरी कर इसकी एपीआर भी तैयार कर करीब 15 करोड़ का बजट बनाकर सरकार रिपोर्ट भेजी थी। लेकिन बजट के अभाव में क्षेत्र के किसानों को मुआवजा नहीं मिल पाया है।
मई 2021 में किसानों को बताई थी मुआवजा राशि
मई 2021 में क्षेत्र के पटवारियों ने गांवों में जाकर नंबरदारों की मदद से किसानों के आधार कार्ड, बैंक विवरण लेकर किसानों को मिलने वाली मुआवजा राशि के बारे में भी बताया था। लेकिन सरकार की अनदेखी के चलते महेंद्रगढ़ क्षेत्र के हजारों किसान मुआवजे की बाट जोह रहे हैं।
क्षेत्र के किसानों को है मुआवजे का इंतजार
समाजसेवी रामनिवास पाटोदा ने बताया कि लंबे समय से किसान मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सरकार के ढुलमुल रवैये के कारण किसान मुआवजे से वंचित हैं। क्षेत्र में पहले से ही भूजल स्तर अधिक गहराई में है। वहीं उद्योगों के अभाव के कारण लोग पहले ही आर्थिक तंगी झेल रहे हैं। इस अवसर पर धर्मपाल नंबरदार, रतिराम शर्मा, राजबीर, बिक्रम, रामकरण, पोहप सिंह, सुुधीर, सरजीत, नाहर सिंह, रामपाल, सतबीर, बबरूभान, अजीत, संदीप सहित अनेक किसान उपस्थित थे।