फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mahendragarh-Narnaul News: 2.83 लाख एकड़ में पकी खड़ी फसलों पर मंडरा रहा खराब होने का खतरा

विज्ञापन
विज्ञापन
महेंद्रगढ़। पिछले दो माह के दौरान गत वर्षों की तुलना में इस बार 50 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है। जिले में इस बार 2.83 लाख एकड़ में बाजरे व कपास की फसलें पककर तैयार हैं। किसान अब मौसम खुलने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन इस बार मौसम ने किसानों की परेशानियों को बढ़ा दिया है। किसान फसलों में नुकसान की आशंका के चलते चिंतित नजर आ रहे हैं।
विज्ञापन

जून से सितंबर माह के दौरान सामान्य से 49 प्रतिशत अधिक हुई बारिश के कारण बाजरे व कपास की फसलों के खराब होने का खतरा मंडराने लगा है। 2.36 लाख एकड़ में खड़ी बाजरे की फसल के सिरटों में दाना पककर तैयार हो चुका है। ऐसे में लगातार हो रही बारिश के कारण दाने के काला पड़ने तथा सिरटे में ही जमवार होने की संभावना बढ़ रही है। वहीं अधिक बारिश के कारण 47 हजार एकड़ में खड़ी कपास पर भी खराब होने का संकट मंडरा रहा है। इस समय दोनों ही फसलों को खुले मौसम एवं धूप की आवश्यकता है, लेकिन लगातार बारिश होने के कारण कपास की फसल में टिंडे गलने आरंभ हो चुके हैं। बुधवार को कनीना शहर के आसपास 6 एमएम, गांव अगिहार, मालड़ा, बवाना, खेड़ी-तलवाना, धनौंदा के आसपास क्षेत्र में करीब 35 एमएम तथा महेंद्रगढ़ क्षेत्र में 19.7 एमएम बारिश दर्ज की गई है।




सामान्य से 49 प्रतिशत अधिक हो चुकी है बारिश
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्र मोहन ने बताया कि जिला महेंद्रगढ़ में एक जून से 14 सितंबर तक 559.2 एमएम बारिश दर्ज की गई है जबकि इस दौरान जिला में 376.3 एमएमऔसत सामान्य बारिश होती है जो सामान्य से 49 प्रतिशत अधिक दर्ज हुई है। जिला में जितनी सामान्य बारिश होती है उससे दोगुना बारिश हो चुकी है। अगस्त माह व सितंबर के प्रथम पखवाड़े में लगातार मानसून की सक्रियता बनी हुई है। सितंबर के एक पखवाड़े में कुल 63.3 एमएम बारिश दर्ज हुई है जबकि इस दौरान जिला में सामान्य बारिश 37.4 एमएम बारिश होती है जो सामान्य से 69 प्रतिशत अधिक है। आगामी चार दिन तक महेंद्रगढ़ में लगातार मौसम परिवर्तन शील बना रहेगा और एक दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश संभावना बनी हुई है।
विज्ञापन



इस समय अधिक बारिश से दोनों ही फसलों में नुकसान की आशंका रहेगी। अभी तक फसलों में अधिक नुकसान नहीं हुआ है। जिले में अधिकांश बाजरे की फसल पककर तैयार हो चुकी है। अधिक बारिश होती है तो फसलों में नुकसान तथा गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। किसान फसलों की कटाई करते समय मौसम का विशेष ध्यान रखें।
विज्ञापन




डॉ. अजय यादव, उपमंडल कृषि अधिकारी महेंद्रगढ़।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें