फोटो 6नारनौल में श्रीमद्भागवत कथा सुनते श्रद्धालु।स्त्रोत: प्रवक्ता
नारनौल। शहर के महता चौक स्थित कुटुंब पैलेस में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन भागवत आचार्य पंडित बजरंग शास्त्री ने भागवत कथा सुनाई।
उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत साक्षात नारायण का स्वरूप है और मुक्ति प्रदाता है। भगवान वराह रूप धारण किया और हिरण्याक्ष का उद्धार किया। आचार्य ने बताया कि भगवान नारायण की आज्ञा से ब्रह्मा जी ने सृष्टि का निर्माण आरंभ किया और सर्वप्रथम दस प्रकार की सृष्टि वर्णन किया, उसके उपरांत ब्रह्मा जी ने अपने शरीर से सृष्टि के पहले पुरुष मनु और स्त्री शतरूपा को महारानी को प्रकट किया। इसके बाद नरसिंह अवतार की सुंदर कथा वर्णन करते हुए बजरंग शास्त्री ने बताया कि भगवान अपने भक्तो के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार रहते हैं। सती चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि जहां किसी जगह पर जाने पर अपमान हो आदर ना हो तो ऐसी जगह पर बिना बुलाए नही जाना चाहिए। इस अवसर पर मुख्य रूप से कथा परीक्षित अरुण शर्मा एवं टीना शर्मा, राजेंद्र प्रसाद वशिष्ठ, कृष्ण शर्मा, मोहन शर्मा पार्षद, दिनकर वशिष्ठ, विजय गोस्वामी मौजूद रहे।