सीमा सुरक्षा बल में बाड़मेर में तैनात गांव नापला निवासी मुख्यतार सिंह की हृदय गति रुकने से मौत हो गई। उनका वीरवार को गांव नापला में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सीमा सुरक्षा बल के 63वीं बटालियन के सैनिक गांव नापला निवासी मुख्यतार सिंह 4 अप्रैल को बाड़मेर के पादरिया बार्डर पर तैनात थे। दोपहर 2 बजे अचानक उसके सीने में दर्द होने लगा। मुख्यतार सिंह ने अपनी कंपनी के साथियों को इसकी जानकारी दी। उनको बाड़मेर के जिला अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों द्वारा रेफर करने पर उनको इलाज के लिए हेलीकाप्टर से जोधपुर ले जाया गया।
चिकित्सकों की टीम ने जांच के बाद मुख्यतार सिंह को मृत घोषित कर दिया। वीरवार दोपहर बीएसएफ के जवान पार्थिव शरीर को लेकर गांव पहुंचे। शव को बेटे शिवम ने मुखाग्नि दी। बीएसएफ के जवानों ने 21 राउंड फायर कर सलामी दी। सैनिक के अंतिम संस्कार में जिला प्रशासन की तरफ से तहसीलदार नरेंद्र दलाल, नायब तहसीलदार आजाद सिंह, सैनिक वेलफेयर बोर्ड के अधिकारी जगदीश, नांगल चौधरी प्रभारी बिजेंद्र सिंह, गिरदावर जगदीश, पटवारी दीपंचद, निजामपुर चौकी से अभय सिंह, हवलदार नरेश, सरपंच काशीराम, पूर्व सरपंच रमेश शर्मा, सज्जन सिंह, हरीसिंह, छैलूराम, सतीश, ग्यारसीलाल, यादराम, रामेश्वर व रोहताश समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। बटालियन के निरीक्षक महेश प्रसाद ने बताया कि मुख्यतार सिंह दो साल से बाड़मेर के पादरिया बार्डर पर तैनात थे।