नारनौल। शिक्षा विभाग ने 2025-26 की पहली तिमाही के लिए एसएमसी (स्कूल प्रबंधन समिति) सदस्यों के प्रशिक्षण संबंध में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। एसएमसी सदस्यों के प्रशिक्षण के लिए बजट भी आवंटित किया गया है। प्रशिक्षण का उद्देश्य स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना व एसएमसी सदस्यों को उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों के बारे में जागरूक करना है।
इसके लिए महेंद्रगढ़ जिले के लिए 5.10 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया हैं। जिले में कुल 566 प्राथमिक विद्यालय, 144 माध्यमिक विद्यालय व 11 पीएमश्री स्कूल शामिल हैं। इसमें 11 पीएम श्री स्कूलों का बजट आ चुका है। अब मंगलवार से स्कूल खुलने के बाद पीएमश्री स्कूलों में प्रशिक्षण को लेकर आगामी तैयारी शुरू की जाएगी।
स्कूल स्तर पर साझी सभा के रूप में नई एसएमसी का गठन किया जाएगा। ये एसएमसी 2025 से 31 मार्च 2027 तक काम करेंगी। एसएमसी के गठन के दौरान एसएमसी को स्कूल के प्रति उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों पर मार्गदर्शन प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए संसाधन व्यक्ति स्कूल स्तर पर बीआरपी/एबीआरसी होंगे।
एसएमसी के गठन के संबंध में, डीईओ, डीपीसी और एपीसी-चार को ऑनलाइन मोड में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विभाग की ओर से प्रति विद्यालय 750 रुपये का बजट प्रस्तावित है, जिसका उपयोग स्कूल की आवश्यकता के अनुसार स्टेशनरी, चाय, एसएमसी के लिए आइडी कार्ड सहित अन्य सामाजिक जागरूकता आदि पर किया जाएगा।
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एसएमसी सदस्यों के प्रशिक्षण को लेकर विभाग द्वारा 5,10,750 रुपये का बजट जारी पारित किया गया है। इसमें फिलहाल 11 पीएमश्री स्कूलों के लिए बजट आ चुका है। प्रति विद्यालय 750 रुपये का बजट आवंटित किया गया है। इसे लेकर स्कूल में आवश्यकता अनुसार स्टेशनरी, चाय व एसएमसी के लिए आईडी कार्ड सहित अन्य सामाजिक जागरूकता पर खर्च किया जाएगा।
हरमेंद्र यादव, सहायक परियोजना समन्वयक (एपीसी) , समग्र शिक्षा।