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Mahendragarh-Narnaul News: महंगाई की आग में झुलस रहे छोटे कारोबार, दुकानें बंदी की कगार पर

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फोटो नंबर- 12नारनौल में लकड़ी से जलने वाली भट्टी पर परांठा सेकते रेहड़ी संचालक। संवाद
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नारनौल। कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर के दाम बढ़ने से प्रवासी मजदूरों, स्ट्रीट फूड विक्रेताओं और छोटे ढाबा संचालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इससे न केवल उनके रोजगार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं, बल्कि खाद्य पदार्थों की कीमतों में और बढ़ोतरी की आशंका भी जताई जा रही है।
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पहले मार्च में ईरान-अमेरिका तनाव के दौरान गैस की कमी के चलते स्ट्रीट फूड की कीमतों में 5 से 20 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई थी जिसका असर अभी भी दिख रहा है।
अब 19 किलो वाले कमर्शियल सिलिंडर की कीमत में 993 रुपये और 5 किलो वाले सिलिंडर में 261 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसके बाद 19 किलो सिलिंडर 3071.50 रुपये और 5 किलो सिलिंडर 810.50 रुपये में मिल रहा है। पहले ये क्रमशः 2078.50 और 549.50 रुपये थे। इससे आम जनता पर महंगाई का दबाव और बढ़ गया है।
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महंगाई से ढाबा कारोबार संकट में : नारनौल-जयपुर रोड पर एलपीजी सिलिंडर की बढ़ती कीमतों और किल्लत के कारण छोटे ढाबों पर संकट गहरा गया है। करीब 40 से 50 ढाबे बंद हो चुके हैं या बंद होने की कगार पर हैं।
इससे संचालकों के साथ-साथ कारीगरों की आजीविका भी प्रभावित हुई है। आम लोगों को चाय व अन्य खाद्य पदार्थों के लिए महंगे रेस्टोरेंटों पर निर्भर होना पड़ रहा है जिससे खर्च और बढ़ गया है।
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