फोटो नंबर-02नागरिक अस्पताल में बंद पड़ा त्वचा रोग विशेषज्ञ का कक्ष व बाहर बैठे मरीज। संवाद
नारनौल। बरसात और उमस के मौसम में त्वचा संबंधी बीमारियां बढ़ने लगी हैं। एलर्जी, दाद, खुजली और अन्य समस्याओं से परेशान मरीज इलाज के लिए नागरिक अस्पताल पहुंच रहे हैं लेकिन यहां करीब तीन साल से त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं होने के कारण उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है।
नागरिक अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों रोज करीब 15 से 20 मरीज त्वचा संबंधी उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। मरीजों का कहना है कि मौसम बदलने के साथ त्वचा रोग बढ़ रहे हैं लेकिन अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने से उन्हें उचित परामर्श और उपचार नहीं मिल पा रहा।
मरीजों के अनुसार निजी अस्पतालों में जांच और परामर्श पर करीब 1500 से 2000 रुपये खर्च हो जाते हैं। इसके अलावा दवाओं पर भी 1000 से 2000 रुपये तक खर्च करना पड़ रहा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ रहा है।
मरीजों का कहना है कि वे सरकारी अस्पताल में कम खर्च में उपचार कराना चाहते हैं, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सक की कमी के कारण उन्हें निजी अस्पताल जाना पड़ रहा है। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से नागरिक अस्पताल में जल्द त्वचा रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति करने की मांग की है।
वर्जन:
नागरिक अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ की मांग उच्च विभाग को भेजी गई है। अब मौसम को देखते हुए जल्द ही चिकित्सक के आने की उम्मीद है। आमजन को बेहतर उपचार मिले इसके लिए हमारे द्वारा पूरा प्रयास किया जा रहा है। -डॉ. आशा शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, नागरिक अस्पताल नारनौल।