नारनौल। जिले में दो महिलाओं सहित 6 लोगों ने मृत्युपरांत नेत्रदान कर जरूरतमंदों को रोशनी प्रदान की है। इन लोगों की आंखों से 12 जरूरतमंद आज दुनिया को देख रहे हैं।
नेत्रदान सलाहकार राजेंद्र पाल सिंह ने बताया कि साल 2013 से 2025 तक यानी कुल 12 सालों में 6 लोगों ने नेत्र दान किया हैं। जागरूकता की कमी और कई भ्रांतियों के चलते भी लोग नेत्रदान नहीं करते हैं। हालांकि विभाग की ओर से समय-समय पर इसके लिए शिविर भी लगाए जाते हैं।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. नवीन यादव ने बताया कि दानदाता पूरी आंख के बजाय केवल कॉर्निया ही डोनेट करते हैं। आमजन पूरी आंख डोनेट करने से कतराते हैं, जबकि पूरी आंख डोनेट करने पर कई लोगों की नेत्रज्योति वापस लाई जा सकती है।
पीजीआई भिजवाया जाता है कॉर्निया : नेत्रदाता के कॉर्निया को निकालने के बाद एक सेफ मेडिकल कंपाउंड में रख पीजीआई रोहतक स्थित नेत्र बैंक में भिजवा दिया जाता है, ताकि इसके खराब होने की आशंका से बचा जा सके।