18 जनवरी को आरोपियों के निर्देश पर डिकाय महिला और केयरटेकर को नारनौल बुलाया गया, जहां से उन्हें कोटपूतली ले जाया गया। इस दौरान पीएनडीटी टीम लगातार उनका पीछा करती रही। कोटपूतली में आरोपी धर्मवीर द्वारा पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन से भ्रूण लिंग जांच की गई और जैसे ही डिकाय महिला ने इशारा किया, टीम ने मौके पर दबिश देकर आरोपी धर्मवीर, आनंद और जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया।
मौके पर मुंडियाखेड़ा निवासी एक अन्य व्यक्ति पवन भी टीम को मिला जो अपनी गर्भवती पत्नी के साथ लिंग जांच कराने पहुंचा था। जांच के दौरान आरोपी ने उसकी पत्नी का भी परीक्षण किया। हालांकि रेडिंग टीम की व्यस्तता का फायदा उठाकर उसकी पत्नी मौके से फरार होने में सफल हो गई। इसके बाद टीम ने कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए आरोपी वीरेंद्र को चरखी दादरी से और आरोपी सुनील को उसके गांव सुरेहती पिलानिया से गिरफ्तार कर लिया। पीएनडीटी टीम ने मौके से बरामद सभी वाहनों और अल्ट्रासाउंड मशीन को सील कर पुलिस को सौंप दिया है। सभी आरोपियों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और मामले की आगे की जांच जारी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भ्रूण लिंग जांच जैसे गंभीर अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।