फोटो 14 रामलीला मंचन में सीता स्वयंवर में अपने मंत्रियों के साथ जाते हुए रंगीला राजा। प्रवक्त
- फोटो : शिक्षक के घर में लूट के दौरान खोली गई छोटी अलमारी।
मंडी अटेली। स्थानीय झंडा चौक पर श्री शिव रामलीला समिति के नेतृत्व में चल रही रामलीला में सीता स्वयंवर की लीला का मंचन किया गया।
रामलीला का शुभारंभ उस समय से होता है जब राजा जनक द्वारा स्वयंवर आयोजित किया जाता है। कई राजा समारोह में मौजूद होते हैं। राजा जनक की शर्त के अनुसार सभी राजा शिवजी का धनुष तोड़ने का प्रयास करते हैं। रामलीला मंचन में रंगीले प्रांत से रंगीला राजा ढोल नगाड़ों एवं अपने मंत्रियों के साथ शिव धनुष तोड़ने पहुंचते हैं लेकिन वह राजा तोड़ना तो दूर धनुष को उठा भी नहीं पाता। इससे राजा जनक मायूस हो जाते हैं। इस पर राजा जनक कहते हैं कि लगता है कि यह धरती वीरों से खाली हो गई है।
उन्हें लगने लगा था कि शायद अब सीता का विवाह नहीं हो पाएगा। सीता के स्वयंवर सभा में एक से बढ़कर एक वीर प्रतापी राजा और महाराजा पहुंचे।