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Mahendragarh-Narnaul News: नारनौल विस का सबसे बड़ा गांव सीहमा, दौंगड़ा अहीर की दावेदारी भी कम नहीं

Sat, 27 May 2023 01:42 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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नारनौल। मुख्यमंत्री मनोहरलाल के सीहमा को उप तहसील का दर्जा दिए जाने की घोषणा ने विवाद पैदा कर दिया। सीहमा को उप तहसील बनाने का दौंगड़ा अहीर के लोगों ने विरोध किया। विरोध के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने भी माना कि दोनों गांव अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में आते हैं, इसका पता उन्हें नहीं था।

अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर सीहमा को उप तहसील की घोषणा की गई। हालांकि दोनों गांवों की दावेदारी अपनी जगह ठीक है। सीहमा गांव नारनौल विधानसभा का सबसे बड़ा गांव है तो दौंगड़ा अहीर के उप तहसील बनने से भी आसपास के 24 गांवों के लोगों को 21 किलोमीटर की दूरी से मुक्ति मिलेगी। दौंगड़ा अहीर अटेली विधानसभा के अधीन आता है। फिलहाल दौंगड़ा अहीर व आसपास के 24 गांवों के लोगों को तहसील का काम करवाने के लिए कनीना तहसील में जाना पड़ता है जो लगभग 21 किलोमीटर दूर पड़ती है। वहीं सीहमा ब्लाॅक की बात करें तो यहां के लोगों को भी लगभग 16 किलोमीटर दूरी तय कर नारनौल आना पड़ता है। जनसंख्या की दृष्टि से दोनों गांव में लगभग 9 से 10 हजार की आबादी है।
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सीहमा ब्लॉक, दौंगड़ा अहीर सिर्फ गांव

सीहमा ब्लॉक भी है। कांग्रेस सरकार के दूसरे कार्यकाल में सीहमा को ब्लॉक बनाने की घोषणा की गई थी जबक दौंगड़ा अहीर सिर्फ गांव है। हालांकि दौंगड़ा अहीर से आसपास के कई गांव प्रभावित हैं। नेशनल हाईवे का कट भी गांव को लगता है। यही नहीं पूर्व विधायक, वर्तमान विधायक व केंद्रीय मंत्री भी दौंगड़ा अहीर को उप तहसील बनाने की मांग कर चुके हैं।



अटेली विस के कई गांवों की आबादी दौंगड़ा अहीर के बराबर

दौंगड़ा अहीर गांव अटेली विधानसभा में आता है और सीहमा नारनौल विधानसभा के अधीन आता है। सीहमा गांव नारनौल विस का सबसे बड़ा गांव है जबकि दौंगड़ा अहीर की आबादी जितने चार से पांच गांव अटेली विधानसभा में और भी है। इसमे कांती, खेड़ी, आबौद, भोजावास और धनौंदा शमिल हैं।



दोनों गांवों को उप तहसील की घोषणा लोगों को नहीं हो रही हजम

विरोध के बाद सीएम मनोहरलाल ने दौंगड़ा अहीर की रिपोर्ट अधिकारियों से लेने और अगले माह अटेली विस के दौरे पर इसे फिजिबिलिटी तय कर उप तहसील का दर्जा देने की बात कही, लेकिन यह बात भी लोगों को हजम नहीं हो रही। दौंगड़ा अहीर और सीहमा के बीच की दूरी मात्र 6 से 7 किलोमीटर है। ऐसे में दो उप तहसील का एक साथ कोई औचित्य नहीं रह जाएगा।
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दौंगड़ा अहीर को सब तहसील का दर्जा देने की मांग गांव में 2020 में हुई रैली में रखी गई थी तब सीएम मनोहरलाल ने गांव को उप तहसील बनाने का आश्वासन दिया था। उन्होंने भी विधानसभा में यह मांग रखी है। सीएम ने आश्वासन दिया है कि वह जल्द अटेली विधानसभा में आकर यहां के लोगों कि मांगो को पूरा करेंगे। उन्होंने गांव को सब तहसील बनाने को लेकर फिजिबिलिटी रिपोर्ट मांगी है। गांव के लोगों को 21 किलोमीटर दूर कनीना में जाना पड़ता है। सब तहसील बनने से लोगों को राहत मिलेगी। सीहमा की दूरी नारनौल से कम है।

-सीताराम यादव, विधायक, अटेली
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