जाट आरक्षण के नाम आगजनी, लूटपाट और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार के विरोध में शनिवार को हरियाणा व्यापार मंडल की एक बैठक मंडल कार्यालय में व्यापार मंडल के प्रधान बजरंग लाल अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई। इसमें शहर के कई प्रतिष्ठित व्यापारियों और सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में हरियाणा व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने सभी व्यापारियों से जाट आरक्षण के नाम पर उपद्रवियों द्वारा प्रदेश में की गई लूटपाट, आगजनी के विरोध में सोमवार को अपने प्रतिष्ठान बंद रखने का आह्वान किया गया।
बजरंग लाल अग्रवाल ने बताया कि जाट आरक्षण आंदोलन के नाम पर उपद्रवियों ने प्रदेश में व्यापारियों और आम जनता को निशाना बनाया। व्यापारियों की पूंजी को लूटकर उनके प्रतिष्ठानों को आग के हवाले कर दिया गया। इसके विरोध में सोमवार को जिला महेंद्रगढ़ के सभी व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद करने का फैसला लिया है। सोमवार को आगजनी और लूटपाट में व्यापारियों के हुए नुकसान की भरपाई करने की मांग को लेकर व्यापार मंडल जिला उपायुक्त के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। शनिवार को बैठक के बाद महावीर चौक तक व्यापारियों को इसकी जानकारी दी गई। इस मौके पर पंजाबी सभा के प्रधान शंकर लाल धमीजा, सनातन धर्म सभा के प्रधान धर्म चंद छाबड़ा, ओमप्रकाश पुल्याणी, बालकिशन सचदेवा, राजेंद्र अरोड़ा, जगदीश, अश्वनी कटारियां, धीरज भयाना, बलवीर सिंह सरदार, नरेश गोगिया, सरदार सुरजीत अरोड़ा ने कहा कि दंगाइयों ने जिस प्रकार पंजाबी समाज को निशाना बनाया है, इसकी घोर निंदा करते हैं। इस मौके पर सीताराम सर्राफ, बेगराज गोयल, संदीप नूनीवाला, सुदर्शन बंसल, बद्री प्रसाद गर्ग, नरेश डरोलिया, बजरंग लाल गुप्ता, रामजी लाल मित्तल, लेखराज अग्रवाल, कृष्ण गोयल, खेमचंद शर्मा, श्रीकृष्ण अग्रवाल, गंगाराम सैनी, भूषण पीपलानी, नगर पार्षद दयानंद सोनी, पूर्व पार्षद भगत जी, पूर्व पार्षद भगवानदास पंसारी, ओमप्रकाश शर्मा समेत अन्य व्यापारी मौजूद रहे।
जाट नेताओं का करेंगे बहिष्कार
आहत सभी व्यापारियों ने भविष्य में देश और प्रदेश में होने वाले चुनावों में जाट प्रतिनिधियों का पूर्ण रूप से बहिष्कार करने का फैसला लिया है। उनका कहना है कि किसी भी जाट मंत्री ने प्रदेश में जाट आरक्षण के नाम हो रही लूटपाट और आगजनी की घटनाओं को रोकने का कोई प्रयास नहीं किया। इस हिंसा में लूटे और मारे गए लोगों के परिजनों के आंसू पूछने तक नहीं पहुंचे। इसलिए केंद्र और प्रदेश सरकार में मौजूद जाट मंत्रियों को तुरंत प्रभाव से बर्खास्त किया जाए।
आरक्षण के नाम पर गैर जाट मुख्यमंत्री थे निशाना
व्यापारियों ने बताया कि हरियाणा के इतिहास में सबसे अधिक जाट नेताओं ने ही प्रदेश पर राज किया है। उनके राज में कभी भी जाट आरक्षण के नाम पर प्रदेश में इस तरह की हिंसा नहीं हुई। इस बार भारतीय जनता पार्टी द्वारा गैर जाट नेताओं को प्रदेश का मुखिया बना दिया गया है। प्रदेश सरकार को बदनाम करने के लिए कुछ नेताओं ने सोची समझी साजिश के तहत इस मामले को आंदोलन बना दिया। इस हिंसा में उपद्रवियों ने गैर जाट व्यापारियों की दुकानों से लूटपाट कर उनको आग के हवाले कर दिया। यह दर्शाता है कि यह आंदोलन आरक्षण के लिए नहीं बल्कि प्रदेश सरकार को बदनाम करने के लिए किया गया।
पूरे घटनाक्रम की हो सीबीआई जांच
व्यापारियों ने केंद्र और प्रदेश सरकार से जाट आरक्षण के नाम पर हुई हिंसा की सीबीआई से जांच करवाने की मांग की। इस घटनाक्रम की सच्चाई जनता के सामने निकल कर आ सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हुई इस हिंसा में कई निर्दोष लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है। जल्द-जल्द से इस घटनाक्रम के दोषियों को गिरफ्तार कर उनको सख्त से सख्त सजा दी जाए।
महिलाओं से छेड़छाड़ प्रदेश के लिए शर्मनाक
व्यापारियों ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपना हक मांगने का अधिकार दिया गया है। अपने हक के लिए किसी को मारना और नुकसान पहुंचाना किसी भी तरह न्यायोचित नहीं है। आरक्षण के नाम पर उपद्रवियों ने दुकानों और घरों में लूटपाट कर उन्हें आग के हवाले कर दिया। इतना ही नहीं उपद्रवियों ने देर रात जाने वाले लोगों की गाड़ियों को रोककर उनमें बैठी महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की, यह प्रदेश के लिए शर्मनाक है।
देशद्रोह का मामला दर्ज हो उपद्रवियों के खिलाफ
व्यापारियों ने प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान लूटपाट और आगजनी जैसी घटनाओं को अंजाम देने वाले उपद्रवियों पर देशद्रोह का मामला दर्ज कर उनको सख्त से सख्त सजा देनी चाहिए। इस हिंसा में महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करने वाले उपद्रवियों को फांसी की सजा देने की मांग की ताकि भविष्य में इस तरह की घटना होने पर कोई भी उपद्रवी महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करने से पहले सोचने पर मजबूर हो जाए।