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Mahendragarh-Narnaul News: दुकानदारों को इंडक्शन और लकड़ी के गुटकों का सहारा

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फोटो नंबर- 16सत्यनारायण, ढाबा संचालक, मोहल्ला- प्राणपुरा
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नारनौल। शहर में में कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की कमी से ढाबा, चाय और मिठाई की दुकानों के सामने संकट खड़ा हो गया है। एक सप्ताह से गैस एजेंसियों पर कॉमर्शियल सिलिंडर की सप्लाई बंद है। मजबूरी में दुकानदार इंडक्शन और लकड़ी के गुटकों का सहारा ले रहे हैं।
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इंडक्शन की मांग करीब 40 प्रतिशत बढ़ गई है। दुकानदारों का कहना है कि अगर जल्द स्थिति नहीं सुधरी तो खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ाने पड़ेंगे जिससे ग्राहकों की संख्या घटेगी और किसानों व मजदूरों पर भी असर पड़ेगा। पहले करीब 1700 रुपये में मिलने वाला सिलिंडर अब दोगुनी कीमत पर भी उपलब्ध नहीं हो रहा।

इंडक्शन की बढ़ी मांग
गैस सिलिंडर की किल्लत के चलते बिजली के चूल्हों को विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। इसके चलते क्षेत्र में इंडक्शन की मांग में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इंडक्शन बाजार में 1600 से 2200 रुपये में बिक रहे है लेकिन भारी मांग के चलते इंडक्शन के दाम में बढ़ोतरी हो सकती है।
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लकड़ी के गुटकों के भी बढ़ेंगे दाम
गैस सिलिंडर की किल्लत के चलते ढाबों व मिठाई की दुकानों पर लकड़ी के गुटकों की मांग में दोगुनी बढ़ोतरी हुई है। थोक विक्रेता रमेश कुमार ने बताया कि लकड़ी के गुटकों की मांग में बढ़ोतरी के कारण स्टॉक खत्म होने की कगार पर है।
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गैस सिलिंडर की किल्लत के कारण लकड़ी के गुटकों का प्रयोग महंगा पड़ता है। अगर जल्द हालात नहीं सुधरे तो मजबूरन रोटी व सब्जी के दाम बढ़ाने पड़ेंगे। इससे खरीददारी पर असर पड़ेगा और खरीददारी कम होने पर मजदूरों की छंटनी भी करनी पड़ेगी।
-सत्यनारायण, ढाबा संचालक, मोहल्ला प्राणपुरा
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सिलिंडर आपदा के समय लोग बिजली के चूल्हों को विकल्प के तौर पर देख रहे हैं। संभावना है कि आगामी दिनों में बिजली के चूल्हों के दाम में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। -महेंद्र कुमार, इलेक्ट्रॉनिक व्यापारी, सिंघाना रोड
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क्षेत्र में सब्जी की कुल खपत का 40 प्रतिशत हिस्सा होटल, ढाबा व स्ट्रीट फूड के लिए जाता है लेकिन जिस तरह के हालात बन रहे हैं, उससे सब्जियों की खपत में कमी आएगी। इसका सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को उठाना पड़ेगा। -कैलाश चंद, सब्जी विक्रेता, महावीर चौक
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