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Mahendragarh-Narnaul News: दिवाली से पहले लगा बिजली बिलों का झटका

Wed, 01 Nov 2023 10:08 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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नारनौल। दीपावली पर्व से पहले बिजली निगम ने उपभोक्ताओं को बिजली बिल के रूप में बड़ा झटका दिया है। निगम द्वारा पिछले 3-4 माह का बिजली बिल उपभोक्ताओं को एक साथ दे दिया है, क्योंकि निगम में कंपनी के माध्यम से लगे मीटर रीडर पिछले कुछ माह से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। इसके चलते पिछले 3-4 माह से रीडिंग नहीं ली गई है। इससे बिजली बिल भी जनरेट नहीं हो पाए, लेकिन अब निगम ने अन्य कर्मचारियों के माध्यम से रीडिंग आदि लेकर बिजली बिल जनरेट कर उपभोक्ताओं के भेजे जा रहे हैं।
एक साथ चार 3-4 माह का बिल एकत्रित होने के कारण उपभोक्ताओं को निगम द्वारा बनाई गई स्लैब प्रणाली का भी लाभ नहीं मिल पा रहा है। उपभोक्ताओं के पास पिछले बिलों के मुकाबले दो से तीन गुना अधिक बिल पहुंच रहे हैं। उपभोक्ताओं को दीपावली त्योहार से पूर्व बढ़े हुए बिजली बिलों के रूप में बड़ा झटका लगा है।
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उपभोक्ताओं को स्लैब प्रणाली का नहीं मिल रहा लाभ
एक साथ 3-4 माह बिल आने से उपभोक्ताओं की रीडिंग बढ़ गई है, जबकि निगम की घरेलू स्लैब प्रणाली अनुसार 100-200 यूनिट तक प्रति यूनिट 2.50 रुपये, 201-300 यूनिट पर 2.75 रुपये प्रति यूनिट चार्ज है। इसी प्रकार 301 से 500 यूनिट पर 5.25 रुपये प्रति यूनिट, 500 से 1000 यूनिट पर 6.30 और 1000 से 1600 यूनिट होने पर 7.10 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिल बनता है। उदाहरण के तौर पर अगर एक उपभोक्ता के दो माह में 500 यूनिट खर्च होती है तो अधिकतम 5.25 रुपये प्रति यूनिट का चार्ज लगेगा। मगर अब उपभोक्ताओं चार माह का बिजली बिल भेजा जा रहा है। इस प्रकार 500 यूनिट वाले उपभोक्ता की यूनिट बढ़कर 1000 से अधिक हो गई है। इससे उपभोक्ता का बिजली बिल दोगुना से अधिक हो गया है। स्लैब प्रणाली के अनुसार यूनिट अधिक होने से यूनिट चार्ज भी बढ़ गया है।
अधिकारियों की लापरवाही, उपभोक्ताओं पर भारी
दीपावली पर्व पर लोगों के खर्च पहले ही बढ़ जाते हैं। ऐसे में बढ़े हुए बिजली बिल आने से उपभोक्ताओं को झटका लगा है, क्योंकि अगर अधिकारी समय रहते कर्मचारियों की मांगों को मान लेते या दूसरी कोई व्यवस्था करके बिना समय गवाएं रीडिंग लेने की कार्रवाई जारी रख कर उपभोक्ताओं को समय पर बिजली बिल वितरित किए जाते तो आज उनके सामने इस प्रकार की समस्या नहीं आती। वहीं बढ़े हुए बिजली बिल आने के बाद उपभोक्ता निगम कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन जहां उपभोक्ताओं को बिलों में कोई रियायत नहीं दी जा रही है। जिस कारण उपभोक्ता परेशानी है।
समय पर बिल जनरेट नहीं होने से उपभोक्ताओं पर बढ़ा भार

निगम द्वारा उपभोक्ताओं को दो माह में बिजली बिल भेजती है। इसके तहत शहर को अलग-अलग हिस्सों को बांटा हुआ है। जिले में कुल 2 लाख 28485 उपभोक्ता हैं। इनमें नारनौल डिविजन में 1 लाख 28031 हजार और महेंद्रगढ़ डिविजन में 1 लाख 454 उपभोक्ता हैं। मगर कर्मचारियों की हड़ताल के चलते इस बार उपभोक्ताओं को समय पर बिजली बिल नहीं मिल पाए हैं। निर्धारित समय अवधि में बिल नहीं मिलने से उपभोक्ताओं के बिजली बिल बढ़कर आए हैं, क्योंकि निर्धारित समय अवधि में बिल जनरेट नहीं होने से उपभोक्ताओं की रीडिंग अधिक हो गई है। इससे उपभोक्ता निगम के टैरिफ प्लान अनुसार मिलने वाले लाभ से बाहर हो गए हैं।
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कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के कारण बिजली बिल वितरण में देरी हुई है। मगर अब बिजली बिलों को वितरण शुरू हो गया है। उपभोक्ताओं को उनकी मीटर रीडिंग के हिसाब से बिजली बिल भेजे जा रहे हैं।
- शिवताज सिंह, एक्सईएन बिजली निगम नारनौल।
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