जिले में लिंग जांच के बारे में जो नागरिक अस्पताल और जिला प्रशासन को सूचना देगा उसे एक लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। इसमें सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। गौरतलब है कि जिला में लिंगानुपात में भारी अंतर है।
सरकार और प्रशासन के लाख प्रयासों के बावजूद जिला में लिंगानुपात की स्थिति गंभीर बनी हुई है। जिला की तीन पीएचसी के तहत आने वाले 67 गांवों में यह आंकड़ा 500 भी पार नहीं कर पाया है। वहीं अभी भी एक हजार लड़कों पर 200 लड़कियां कम हैं तथा जिला का लिंगानुपात इस बार नवंबर माह तक 802 ही है। इस बारे में अमर उजाला ने प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद जिला प्रशासन हरकत में आया है। अब प्रशासन इसको रोकने के लिए सख्त कदम उठा रहा है।
इस बारे में उपायुक्त अतुल कुमार ने बताया कि राज्य सरकार के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को और सफल बनाने के लिए यह इनामी राशि रखी गई है। उन्होंने बताया कि सूचना सही और कार्रवाई योग्य पाए जाने पर सूचना देने वाले को नकद इनाम दिया जाएगा। इसके अलावा उसे सम्मानित भी किया जाएगा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता निभा सकती है बड़ा रोल
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ पर हुई वीडियो कांफ्रेसिंग के बाद डीसी ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पूरे जिले में अपनी सूचना का तंत्र मजबूत रखें। इस काम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायक बहुत बड़ा रोल निभा सकती हैं। डीसी ने कहा कि सरकार इस विषय को लेकर गंभीर है। जिले में इस तरह के कृत्य करने वालों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शा जाएगा। बिगड़ते लिंगानुपात से जहां एक और सामाजिक ताना-बाना बिगड़ा है। वहीं समाज में अपराध भी बढ़ता है। यह एक अत्यंत गंभीर विषय है।
अच्छा काम करने वाले अधिकारी भी होंगे सम्मानित
डीसी ने अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे फील्ड में जाएं तो ग्रामीणों से इस संबंध में सूचना एकत्रित करें। इसमें अच्छा काम करने वाले अधिकारी को जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित किया जाएगा। उपायुक्त ने आम नागरिकों से भी आह्वान किया कि वे लिंग जांच के संबंध में जिला प्रशासन को सूचना दें। इसके अलावा सीएमओ को भी इसकी जानकारी दे सकते हैं। ऐसी सूचना पर जिला प्रशासन तुरंत कार्रवाई करते हुए ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाएगा।