महेंद्रगढ़। स्वामी ब्रह्मानंद योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा ट्रस्ट बुचौली रोड महेंद्रगढ़ में गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के योग विभाग से स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष की सात छात्राओं ने प्राकृतिक चिकित्सा की विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण लिया।
संस्था के मुख्य चिकित्सा प्रभारी डॉ. भंवर सिंह कसाना के मार्गदर्शन में एक माह योग और नेचुरोपैथी में इंटर्नशिप पूरी की है। संस्था की तरफ से एक दिवसीय व्याख्यान का आयोजन कर प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर रेवाड़ी से योग विभाग के सहायक आचार्य डॉ. धर्मवीर यादव ने कहा कि महेंद्रगढ़ जिला ऋषियों की भूमि रहा है। वर्तमान में विश्व प्रसिद्ध योग गुरु बाबा रामदेव की जन्मभूमि यही है।
महर्षि च्वयन ऋषि की तपोस्थली भी यही भूमि रही है। स्वामी ब्रह्मानंद योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा ट्रस्ट बुचौली मुख्य चिकित्सक डॉ. भंवर सिंह और डॉ. कृष्णा कसाना के देखरेख में छात्राओं को योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा की बारीकियों से अवगत कराया।
डॉ. भंवर सिंह कसाना ने बताया कि हमारा मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को योग और प्राकृतिक चिकित्सा के ज्ञान से अवगत करवाना है ताकि भविष्य में ये इस चिकित्सा पद्धति के द्वारा लोगों को आरोग्यता प्रदान कर सके।
योग छात्राओं ने विभिन्न रोगों के अनुसारअलग-अलग उपचार विधियों की जानकारी प्राप्त कर चिकित्सालय में विभिन्न रोगों के उपचार करवाने आए रोगियों का डॉ. कसाना के मार्गदर्शन में उपचार किया।
संस्था के प्रधान कप्तान राजेंद्र सिंह खेड़ा ने सभी विद्यार्थियों को संस्था की तरफ से इंटर्नशिप प्रमाण पत्र प्रदान किए व सभी को प्रेरित करते हुए कहा कि आप अपने-अपने क्षेत्र समाज में इस नैसर्गिक चिकित्सा पद्धति से लोगों को स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।