महेंद्रगढ़। लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) हिसार के विस्तार शिक्षा निदेशालय द्वारा दो से आठ मई तक हरियाणा पशु विज्ञान केंद्र रिवासा में व्यावसायिक डेयरी फार्मिंग का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
प्रशिक्षण में इच्छुक पशुपालक, ग्रामीण युवा, किसान उद्यमी एवं महिलाएं भाग ले सकती हैं। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को वैज्ञानिक डेयरी प्रबंधन, दुग्ध प्रसंस्करण, आधुनिक विपणन तकनीकें एवं उपलब्ध वित्तीय सहायता योजनाओं की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की जाएगी।
इसके अलावा सभी को आत्मनिर्भर एवं स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के संयोजक डॉ. योगेंद्र सिंह यादव, विस्तार विशेषज्ञ (डेयरी), ने बताया कि प्रशिक्षण में व्यावसायिक डेयरी फार्मिंग के सभी प्रमुख पहलुओं को सरल एवं व्यावहारिक ढंग से समझाया जाएगा।
दूध प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, लघु डेयरी संयंत्र की स्थापना, आधुनिक विपणन तकनीकें, उन्नत नस्लों का चयन, संतुलित आहार प्रबंधन, नवजात बछड़ों की देखभाल, मौसम आधारित डेयरी प्रबंधन तथा डेयरी उद्यमिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष फोकस रहेगा।
प्रतिभागियों को पशुपालन एवं डेयरी विभाग की विभिन्न सरकारी योजनाएं, बैंकिंग सहयोग व ऋण सुविधाएं, वित्तीय योजनाएं, स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उद्यमिता विकास तथा स्वरोजगार के अवसरों से संबंधित जानकारी दी जाएगी।
प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए पंजीकरण शुल्क 500 रुपये निर्धारित किया गया है। पंजीकरण पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। हरियाणा के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों के पशुपालक एवं इच्छुक प्रतिभागी भी इसमें भाग ले सकते हैं। यह प्रशिक्षण उन सभी पशुपालकों एवं युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है, जो डेयरी को लाभकारी व्यवसाय के रूप में अपनाकर अपनी आय बढ़ाना चाहते हैं।