पिछले दो दिन से क्षेत्र के एक बीज भंडार पर डेरा डाले बैठी सीआईडी ने शनिवार को बीज गोदाम से चार सैंपल भरवाए। फिलहाल सीआईडी टीम को बीज में फर्जीवाड़ा करने का कोई ठोस सबूत नहीं मिल पाया। वहीं दूसरी ओर इस मामले में सीआईडी के इंस्पेक्टर सूरजभान ने कृषि विभाग के अधिकारियों पर रेड को फेल करने का आरोप लगाया है।
सीआईडी इंस्पेक्टर ने इस मामले को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने की बात कही है। गौरतलब है कि सीआईडी ने शुक्रवार को शाम करीब 7 बजे एक बीज भंडार पर छापा मारा। बीज भंडार पर छापे के बाद टीम गोदाम पर भी पहुंची थी। जहां पर टीम ने सैंपलिंग अधिकारी नहीं होने के कारण गोदाम को ताले लगा दिए थे। इसके बाद पूरी रात गेट पर खाकी पहरा देती रही।
शनिवार सुबह जब अधिकारियों की टीम पहुंची तो ताले खोले गए और सैंपलिंग का कार्य शुरू हुआ। सैंपल लेने के लिए शनिवार को पहुंची टीम में गुणवत्ता नियंत्रक निरीक्षक मनमीत यादव, एसडीओ संजय यादव, एडीओ प्रदीप, एडीओ सज्जन सिंह, एडीओ रमेश रोहिल्ला शामिल रहे। वहीं सीआइडी के इंस्पेक्टर सूरजभान, सब इंस्पेक्टर लीला राम, मनोज यादव, विश्वजीत और पुलिस विभाग के डीएसपी ओमप्रकाश, एसएचओ रंजीत सिंह पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। टीम ने सरसों के 3 और जौ का एक सैंपल लिया। जिसे टेस्टिंग के लिए लैब में भेजा जाएगा, रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
रिकार्ड जब्त, बिक्री पर रोक
कृषि विभाग की टीम ने छापे के दौरान बीज भंडार के सभी रिकार्ड अपने कब्जे में लेते हुए जब्त कर लिया गया। वहीं बीज भंडार संचालक से लिखित में लिया है कि वे सभी कागजात जल्द ही विभागीय अधिकारियों को सौंप देंगे। विभाग के अधिकारियों ने बीज भंडार के संचालक जसवंत को आदेश जारी किए हैं कि जागरण सीड का कोई भी उत्पाद भविष्य में तब तक नहीं बेचेगा, जब तक जांच में बीज सही नहीं पाया जाता। वहीं कृषि विभाग के अधिकारियों ने उक्त संचालक को आदेश दिया कि वो अपने डीलर और रिटेलर को भी तुरंत बीज की बिक्री बंद करने की कहे, अगर बीज की बिक्री पाई गई तो कार्यवाही की जाएगी।
बिना लाइसेंस के बीज रखने का मामला दर्ज
जब कृषि विभाग और सीआइडी की टीम गोदाम से रिकार्ड लेकर लौट रही थी तो टीम ने एक बार फिर बीज भंडार पर जांच पड़ताल की। जांच के बाद टीम ने शक के आधार पर बीज भंडार के पास में स्थित एक मकान पर छापा मारा। जहां पर टीम को काफी मात्रा में बीज, पेस्टीसाइड और एक्सपायरी डेट के बीज मिले। जिसके बाद टीम के अधिकारियों उक्त मकान से सामान जब्त कर लिया और इसे थाने में भिजवाया। टीम के छापे के दौरान घर पर कोई मौजूद नहीं थी। वहीं कृषि विभाग के अधिकारियों की शिकायत पर बाद में पुलिस ने मकान मालिक संतोष पर बिना लाइसेंस के बीज रखने का मामला दर्ज कर लिया।
नहीं पहुंच सके डीएचओ-
जब बीज भंडार के पास स्थित मकान में टीम ने रेड की तो वहां पर सब्जियों के बीज मिले। जिसके चलते मामला बागवानी विभाग का हो गया। जिसके लिए डीएचओ की आवश्यकता हुई तो सीआइडी इंस्पेक्टर सूरजभान ने डीएचओ को फोन किया। जब डीएचओ ने फोन रिसी नहीं किया तो इंस्पेक्टर ने डीसी से इस बारे मे बात की और उनकी मदद मांगी। जिस पर डीसी ने डीएचओ से बात की तो पता चला कि डीएचओ की रिश्तेदारी में किसी की मौत हो गई है, वो वहां पर गए हुए हैं। जिस पर डीएचओ अब सोमवार को ही थाने में आकर बीज की जांच करेंगें।
सीआइडी इंस्पेक्टर सूरजभान ने ऑन कैमरा कृषि विभाग के डीडीए प्रवीन गुलिया पर आरोप लगाया कि उन्होंने उनकी रेड को फेल कर दिया। टीम ने रेड के लिए उनसे बृहस्पतिवार को संपर्क किया तो उन्होंने पूरी जानकारी लेने के बाद बताया कि वो बाहर हैं और रेड नहीं हो सकती। जिस पर अगले दिन शुक्रवार को रेड की गई तो उन्होंने बीज भंडार के संचालक के साथ मिलीभगत करते हुए सुबूत को खुर्द-बुर्द करवाने का काम किया। उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि बीज भंडार के संचालक जसवंत के चाचा क कृषि विभाग में ही कार्यरत हैं। इंस्पेक्टर सूरजभान ने कहा कि कृषि विभाग के डीडीए की रेड के दौरान की गई गड़बड़ियों की पूरी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।
डीडीए प्रवीन गुलिया पर लगे आरोपों को लेकर जब उनसे बात की गई तो उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि उन पर लगे आरोप निराधार हैं। उन्हें रेड के बारे में एक दिन पहले पता लगा था लेकिन उन्होंने इस बारे में कोई लीक आऊट नहीं किया। उनसे जब टीम मांगी गई तो एसडीओ के छुट्टी पर होने के कारण उन्होंने दो एडीओ भेज दिए थे। जब सैंपल लेने की बात सामने आई तो शनिवार को सुबह विभाग की पूरी टीम उन्होंने भेज दी थी। ऐसे में उन पर आरोप लगाने का कोई तुक नहीं बनता।