क्षेत्र में दूसरे दिन वीरवार को भी न्यूनतम तापमान -0.5 डिग्री दर्ज किया गया। इसके चलते घरों से लेकर खेतों में सुबह पाला जमा हुआ दिखाई दिया। पाला जमने से खेतों में लहलहा रही फसलें भी मुरझा गई। नारनौल मुख्यालय सहित ग्रामीण इलाकों में हाड़ कंपकंपाने वाली सर्दी के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त होने लगा है। दिनभर धूप खिलने के बावजूद मौसम में ठंड बरकरार रही। जिसके चलते लोगों की धुजणी (कंपकंपी) छूटती रही। इससे लोग दिनभर गर्म कपड़ों से लदे रहे और बचाव के लिए अलाव तापते व धूप सेकते नजर आए। दोपहर को तेज धूप खिलने से लोगों को कुछ राहत मिली लेकिन जैसे-जैसे शाम ढलती गई फिर से सर्दी ने कहर दिखाना शुुरू कर दिया। खेतों में पाला जमने से किसानों की दिल की धड़कने तेज हो गई हैं।
सुबह घर से निकलने वाले हुए परेशान
हाड़ कंपकंपाने वाली ठंड में सबसे अधिक परेशानी सुबह जल्दी ऑफिस जाने तथा स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को हुई। जिसके चलते उन्हें कंपकंपाते हुए अपने गंतव्य तक जाना पड़ा। शीत लहर के चलते सुबह से ही क्षेत्र में पारा गिरना शुरू हो गया। इसके चलते जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित रहा।
बाजारों में भी रौनक हुई कम
क्षेत्र में पाला पड़ने का असर बाजारों पर भी दिखाई देने लगा है। जैसे-जैसे ठंड का प्रकोप बढ़ रहा है। वैसे ही बाजारों में भी रौनक कम होने लगी है। दोपहर के समय ही बाजारों में चहल-पहल दिखाई देती है। जबकि इस समय शादियों के सीजन चल रहे है, लेकिन बाजार सुनसान नजर आते है।
सब्जियों व फसलों में नुकसान की संभावना बढ़ी
बुधवार व वीरवार को खेतों में पड़े पाले से सब्जियों व अगेती फसलों में नुकसान की संभावना बढ़ गई है। इस कारण किसानों के चेहरे पर भी चिंता की दिखने लगी है। अगर आगामी कुछ दिनों तक पाला पड़ने का सिलसिला जारी रहा तो किसानों की फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी। जिससे उनकी साल भर की मेहनत पर पानी फिर जाएगा।