प्रदेश में अब कोरोना टेस्ट फ्री नहीं होगी बल्कि इसकी जांच के लिए मोटी फीस चुकानी होगी। स्वास्थ्य विभाग चंडीगढ़ से सभी सीएमओ को रेट सूची जारी कर दी है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जारी सूची के मुताबिक अब डॉक्टर की बिना पर्ची के टेस्ट करवाने वालों को 250 रुपये से लेकर 1600 रुपये तक की फीस चुकानी पड़ेगी। स्वास्थ्य विभाग के ऑर्डर के मुताबिक अगर कोई भी मरीज सरकारी अस्पताल में सीधा कोरोना टेस्ट करवाने पहुंचता है तो स्वास्थ्य विभाग ऐसे मरीजों से यह फीस वसूल करेगा। हालांकि जिन मरीजों के पास सरकारी डॉक्टर की पर्ची होगी, उनका कोरोना टेस्ट फ्री किया जाएगा। चार्ज लेने के बाद अस्पताल में कोविड-19 की जांच करवाने पहुंचे निजी स्कूलों के अध्यापक बिना टेस्ट की घर को लौट गए।
अलग से बनाई जाएगी विंडो
मरीजों को अपने करीबी अस्पताल के डॉक्टर से जांच के लिए रेफर कराना होगा। इस संबंध में भी स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक द्वारा पत्र जारी किया गया है। नॉन मेडिकल कारणों से जांच कराने वालों के लिए अलग विंडो होगी। साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने निर्णय लिया है कि प्रदेश में प्राइवेट अस्पतालों में जांच व इलाज के लिए तय रेट अब हरियाणा निवासियों के लिए ही रहेंगे। दूसरे प्रदेशों से आने वाले लोगों से प्राइवेट अस्पताल अपने स्तर पर चार्ज वसूल कर सकता है।
250 से लेकर 1600 रुपये तक के होंगे टेस्ट:
अब बिना डॉक्टर के रेफर किये सीधे सरकारी अस्पताल पहुंचकर कोरोना जांच कराने वालों से फीस वसूली जाएगी। बता दें कि फीस उन्हीं से ली जाएगी, जिन्हें मेडिकल जांच की जरूरत नहीं है और विदेश या दूसरे राज्यों में यात्रा के लिए, नौकरी पर जाने के लिए या शिक्षण संस्थानों में दाखिला लेने जैसे अन्य कार्यों के लिए जांच करा रहे हैं। अब 250 रुपये से 1600 रुपये तक जांच का चार्ज लिया जाएगा। यानी मरीजों से फीस नहीं वसूली जाएगी।
ये रहेंगे रेट
कोविड-19 जांच के प्रकार फीस (रुपये में) प्रति टेस्ट
आरटीपीसीआर टेस्टिंग 1600
रेपिड एंटिजन टेस्टिंग 650
आईजी बेस्ड अलिसा टेस्टिंग 250
बिना टेस्ट के ही लौटे अध्यापक
सोमवार से विद्यार्थियों को गाइडेंस दिए जाने के लिए 9 से 12वीं कक्षा तक सरकारी एवं निजी स्कूल खोले जा रहे हैं। अध्यापकों को कोरोना टेस्ट करवाकर ही स्कूल में जाना होगा। रविवार को निजी स्कूल के दस से पंद्रह अध्यापक कोविड-19 जांच के लिए सरकारी अस्पताल महेंद्रगढ़ आए थे। इस दौरान उन्होंने बाहर कोविड-19 जांच की रेट सूची चिपकी देखी। जब उन्होंने चार्ज के बारे में पूछा तो उन्होंने टेस्ट करवाने से मना कर दिया और बिना चेक करवाए ही घर लौट गए। जबकि सरकारी स्कूल के अध्यापकों का नि:शुल्क टेस्ट किया गया।
वर्जन:
बिना मेडिकल जांच को लेकर कोरोना टेस्ट करवाने पर चार्ज लिया जाएगा। सरकार की ओर से इसके आदेश जारी किए जा चुके हैं। रविवार से चार्जिंग शुरू हो गई है।
-डॉ. मोनू यादव, कार्यकारी प्रवर चिकित्सा अधिकारी।