कनीना। ऐतिहासिक एवं पौराणिक बाघेश्वर धाम बाघोत में सावन माह के दौरान भगवान भोलेनाथ के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ती जा रही है। बुधवार को 51 कांवड़ियों ने हरिद्वार, ऋषिकेश और अन्य तीर्थ स्थलों से लाए पवित्र गंगाजल से स्वयंभू शिवलिंग का विधि-विधान से जलाभिषेक किया। सावन शुरू होने के बाद अब तक 100 से अधिक कांवड़ बाघेश्वर धाम में चढ़ाई जा चुकी हैं।
मंदिर परिसर में दिनभर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष गूंजते रहे। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बेलपत्र, धतूरा, भांग, आक के पुष्प, शमी पत्र, फल, पुष्प, नारियल और गंगाजल अर्पित कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया।
बाघेश्वर धाम के महंत रोशन पुरी महाराज ने बताया कि सावन माह और विशेष रूप से 11 अगस्त को आयोजित होने वाले महाशिवरात्रि मेले को लेकर मंदिर समिति ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली है। उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में चारों ओर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे प्रत्येक गतिविधि पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। मंदिर समिति के स्वयंसेवकों और सदस्यों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन, जलाभिषेक और आवागमन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
-सावन में अब तक 100 से अधिक कांवड़ चढ़ीं
संवाद न्यूज एजेंसी
कनीना। ऐतिहासिक एवं पौराणिक बाघेश्वर धाम बाघोत में सावन माह के दौरान भगवान भोलेनाथ के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ती जा रही है। बुधवार को 51 कांवड़ियों ने हरिद्वार, ऋषिकेश और अन्य तीर्थ स्थलों से लाए पवित्र गंगाजल से स्वयंभू शिवलिंग का विधि-विधान से जलाभिषेक किया। सावन शुरू होने के बाद अब तक 100 से अधिक कांवड़ बाघेश्वर धाम में चढ़ाई जा चुकी हैं।
मंदिर परिसर में दिनभर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष गूंजते रहे। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बेलपत्र, धतूरा, भांग, आक के पुष्प, शमी पत्र, फल, पुष्प, नारियल और गंगाजल अर्पित कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया।
बाघेश्वर धाम के महंत रोशन पुरी महाराज ने बताया कि सावन माह और विशेष रूप से 11 अगस्त को आयोजित होने वाले महाशिवरात्रि मेले को लेकर मंदिर समिति ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली है।
उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में चारों ओर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे प्रत्येक गतिविधि पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। मंदिर समिति के स्वयंसेवकों और सदस्यों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन, जलाभिषेक और आवागमन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।