महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में सूचना का अधिकार प्रकोष्ठ ने कार्यशाला का आयोजन किया। प्रभावी क्रियान्वयन पर केंद्रित राष्ट्रीय कार्यशाला में दिल्ली विश्वविद्यालय के विधि संकाय के सहआचार्य डॉ. दिग्विजय सिंह ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में आरटीआई अधिनियम से जुड़े पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने डाटा की सुरक्षा के साथ व्यक्तिगत निजता पर भी पर विचार रखे।
उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम के महत्व, आवश्यकता और सही उपयोग की जानकारी भी दी। उन्होंने संस्थान के स्तर पर पारदर्शिता कायम करने और उसके माध्यम से आरटीआई संबंधी आवेदनों को कम करने के उपाय भी बताए। उन्होंने निजता के अधिकार के संदर्भ में सूचना के अधिकार पर भी प्रकाश डाला। कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार ने कहा कि यदि कार्यव्यवस्था में पारदर्शिता के साथ कार्य किया जाता है तो सहज होगा। कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता के लिए आरटीआई महत्वपूर्ण है।
कुलपति ने सभी प्रतिभागियों को आरटीआई से घबराने की बजाय नियमानुसार कार्य करने के लिए प्रेरित किया। इसी क्रम में विश्वविद्यालय के समकुलपति प्रो. पवन कुमार शर्मा ने कहा कि इस व्यवस्था के अंतर्गत सूचना का अधिकार प्रकोष्ठ की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है। विश्वविद्यालय के प्रथम अपीलीय अधिकारी प्रो. विकास गर्ग ने विश्वविद्यालय व केंद्रीय जनसूचना अधिकारी प्रो. राजीव कुमार सिंह ने महत्व से प्रतिभागियों को अवगत कराया। इस अवसर पर मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान पीठ के अधिष्ठाता प्रो. पायल कंवर चंदेल, प्रो. बीर पाल सिंह यादव, प्रो. हरीश कुमार सहित भारी संख्या में शैक्षणिक व शिक्षणेतर विभागों से जुड़े प्रतिभागी उपस्थित रहे।