महेंद्रगढ़। द रेवेन्यू पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन ने अपनी मांगों को लेकर चल रही हड़ताल को अब तीन दिन ओर बढ़ाने की घोषणा कर दी है। तीन जनवरी से एसोसिएशन ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल शुरू की थी जो मंगलवार को 14वें दिन भी जारी रही। हड़ताल के कारण अब तक प्रदेश सरकार को जिले से मिलने वाले करीब 18 करोड़ रुपये के राजस्व का फटका लग चुका है।
वहीं पिछले 14 दिनों से पटवारियों के हड़ताल पर रहने के कारण करीब 65 हजार लोगों के दस्तावेजों, नकल सत्यापन, रजिस्ट्री, विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र सहित अन्य प्रकार की सभी प्रक्रिया अटकी हुई हैं। वहीं अब 19 जनवरी तक हड़ताल की घोषणा करने से लोगों की परेशानियां भी बढ़ गई हैं। महेंद्रगढ़ जिले में 31 रजिस्ट्री हुई है। वहीं महेंद्रगढ़ तहसील में 3 जनवरी से 16 जनवरी तक 270 रजिस्ट्री हो चुकी है।
यह अटके लोगों के कार्य
इनमें से करीब 11 हजार लोगों के रिहायशी प्रमाण पत्र, एससी व बीसी प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूएस, करीब 30 हजार लोगों के नकल सत्यापन, इंतकाल, 6 हजार लोगों के लोन चढ़ाने व उतारने सहित अन्य कार्य प्रभावित हो रहे हैं। वहीं तहसील कार्याें में भी रजिस्ट्री सहित अन्य कार्यों के लिए जिम्मेदारों को परेशानियां उठानी पड़ रही हैं।
महेंद्रगढ़ जिले व ब्लॉक की स्थिति
जिले वाइज रजिस्ट्री
महेंद्रगढ़ 20
नारनौल 0
सतनाली 5
नांगल चौधरी 0
कनीना 6
अटेली 0
महेंद्रगढ़ खंड में यह रही स्थिति
दिनांक रजिस्ट्री
3 जनवरी 79
4 जनवरी 32
5 जनवरी 47
8 जनवरी 15
9 जनवरी 16
10 जनवरी 22
11 जनवरी 13
15 जनवरी 21
16 जनवरी 20
सरकार नहीं दे रही ध्यान, आमजन हो रहा परेशान
जिला पटवारी एसोसिएशन के प्रधान सुनील तंवर ने बताया कि जिले में 55 पटवारी, 11 काननूगो व पांच कार्यालय कानूनगो कार्य कर रहे हैं। पटवारी अपनी मांगों को लेकर 14 दिनों से धरने पर बैठे हुए हैं। राज्य कमेटी के निर्देशानुसार धरने को बढ़ाकर 19 जनवरी तक कर दिया गया है। वेतन हमारी मांग नहीं बल्कि हमारा हक है, सरकार की वादाखिलाफी के कारण ही पटवारी कानूनगो हड़ताल पर रहने को मजबूर हैं, जबकि आम लोग अपने कामों के लिए दर-दर ठोकरें खाने को मजबूर हो रहे हैं। सरकार अपने किए हुए वायदों से पीछे हट रही है। सरकार की ओर से किसी भी प्रकार की बातचीत के लिए बुलावा न आने की सूरत में सांकेतिक धरना पहले 10 जनवरी तक था, उसके बाद धरने को बढ़ाकर 12 जनवरी कर दिया लेकिन 12 को भी कोई सुध नहीं ली गई, जिसके कारण अब हड़ताल को 16 तक बढ़ा दिया गया है, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक कोई जवाब नहीं आया है, जिसको लेकर पटवारियों ने धरने को बढ़ाकर 19 जनवरी तक कर दिया है। पटवारी कानूनगो की हड़ताल के कारण एक तरफ जहां सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है वहीं दूसरी और आमजन को भारी परेशानियां उठानी पड़ रही है, लेकिन सरकार पटवारियों की मांगों की ओर ध्यान नहीं दे रही है।