नारनौल-दादरी मार्ग पर महेंद्रगढ़ फ्लाईओवर के ऊपर एक डंपर व ट्राले में जबरदस्त भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि डंपर का अगला हिस्सा टूटकर अलग बिखर गया। हादसे में दोनों वाहनों के चालक गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों को सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया जहां से दोनों को रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है। उधर, हादसे के कारण मुख्य मार्ग पर चार घंटे तक जाम रहा, साथ ही करीब 12 घंटे तक यातायात बाधित रहा। उधर, करीब 12 घंटे के बाद पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाया।
घटना सोमवार अलसुबह चार बजे की है। एक डंपर चालक दादरी से नारनौल की तरफ आ रहा था, जबकि ट्राला चालक नारनौल से दादरी की ओर जा रहा था। फ्लाईओवर के ऊपर चढ़ने के बाद दोनों वाहनों में आमने सामने की टक्कर हो गई। इससे दोनों चालक गंभीर रूप से घायल हो गए, साथ ही डंपर का अगला हिस्सा टूट गया। राहगीरों ने हादसे की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने डंपर चालक सत्यवान वासी यूपी व विक्रम वासी राजस्थान को सामान्य अस्पताल में दाखिल कराया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों चालकों को पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। फिलहाल दोनों चालकों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
दिनभर रेंगते रहे वाहन
नारनौल-दादरी मार्ग पर सुबह चार बजे से सुबह आठ बजे तक जाम रहा। दोनों तरफ कई-कई किलोमीटर तक वाहनों की लाइनें लग गई। पुलिस ने रास्ता भी डाइवर्ट किया। वाहन चालक फ्लाईओवर के नीचे से व अनाज मंडी के रास्ते से अपने गंतव्य की ओर निकले। आठ बजे पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहन का अगला हिस्सा साइड में लगाया और रास्ता खुलवाया। इसके बाद एक साइड से वाहन रेंगकर गुजरने लगे। शाम चार बजे पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों से सामान उतरवाकर उन्हें सड़क से हटाया। इसके बाद ही रास्ता पूर्ण रूप से खुल सका।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
क्षतिग्रस्त वाहनों को सुबह चार बजे से शाम चार बजने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। राहगीरों का कहना है कि नारनौल-दादरी मुख्य मार्ग है और यहां से रोजाना हजारों की संख्या में वाहन गुजरते हैं, लेकिन पुलिस की कार्यप्रणाली के चलते हजारों लोगों को दिनभर परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों ने कहा कि जो काम सुबह होना चाहिए था, उसमें पुलिस ने सारा दिन लगा दिया और इस कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
इसलिए लगा समय
मामले के जांच अधिकारी सतबीर सिंह ने बताया कि दोनों वाहनों को खाली किया गया, इसमें काफी समय लग गया। इस कारण ही क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने में समय लग गया। उन्होंने बताया कि सुबह ही क्षतिग्रस्त हिस्से को एक साइड करके रास्ता चालू करा दिया गया था