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रेवाड़ी-नारनौल हाईवे होगा फोर लेन

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हाईवे के निर्माण कार्य के दौरान अंडरपास का किया जा रहा निर्माण। - फोटो : Narnol
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रेवाड़ी-नारनौल नेशनल हाईवे का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। एजेंसी रेवाड़ी से अटेली के बीच में निर्माण कार्य तेजी से शुरू कर दिया है। करीब 564 करोड़ रुपये की लागत से 30 किलोमीटर एनएच का निर्माण पहले फेस में चल रह है। नारनौल-रेवाड़ी हाईवे बन जाने से नारनौल से दिल्ली से की दूरी मात्र तीन घंटे में पूरी हो सकेगी। अभी नारनौल से दिल्ली तक चार घंटे तक का समय लग जाता है। एक अनुमान के मुताबिक नारनौल-रेवाड़ी हाईवे पर करीब 75 हजार वाहन रोजाना चलते हैं।
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बता दें कि रेवाड़ी से नारनौल मार्ग को पहले ही नेशनल हाईवे का दर्जा मिल गया था लेकिन अभी तक सिंगल लेन का हाईवे होने से वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ती है। दूसरा नारनौल से रेवाड़ी व दिल्ली जाने में चार घंटे तक वक्त लग जाता है। रेवाड़ी- नारनौल रोड को हाईवे का दर्जा मिलने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि इस पर जल्द कार्य शुरू होगा। लेकिन जमीन अधिग्रहण समेत अन्य कार्यों के कारण प्रोजेक्ट में देरी होती गई। हालांकि अब रेवाड़ी से नारनौल तक नेशनल हाईवे पर तेजी से कार्य शुरू हो गया है। निर्माण एजेंसी के अनुसार रेवाड़ी-नारनौल हाईवे के कार्य को तीन भागों में किया जाएगा। जिसमें रेवाड़ी से अटेली के बीच का कार्य एजेंसी को मिल चुका है और कार्य तेजी से चल रहा है। इसके बाद अटेली से नारनौल बार्डर तक का कार्य शुरू होगा। इसके बाद एजेंसी नारनौल बाई पास का निर्माण करेंगी। अभी अटेली से रेवाड़ी के बीच में तेजी से कार्य चल रहा है। अटेली से नारनौल के बीच में पेड़ काटने समेत अन्य छोटे-मोटे कार्य चल रहे हैं ताकि एनएचएआई से कागजी कार्यवाई पूरी होते ही कार्य में तेजी लाई जा सके। एनएचएआई के अनुसार रेवाड़ी से नारनौल के बीच करीब 30 किलोमीटर के निर्माण पर 564 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस बीच में पांच व्हीकल अंडरपास व दो फ्लाई ओवर का निर्माण होगा। फोर लेने का यह 56 किलोमीटर का हाईवे सिंगल फ्री होगा।
काठूवास के पास होगा टोल प्लॉजा
योजना के अनुसार रेवाड़ी-नारनौल के बीच में काठूवास के पास टोल प्लॉजा बनाए जाना है। टोल प्लॉजा 16 लेन का होगा। इसके इस प्रकार के डिजाइन किया जाएगा ताकि वाहनों चालकों को परेशानी न हो। हाईवे बनने और टोल प्लॉजा शुरू होने से नारनौल व राजस्थान को लोगों को टोल टैक्स भी चुकाना होगा। इसके बाद गुरुग्राम में भी टोल देना होगा। यानी नारनौल से गुरुग्राम या दिल्ली जाने के लिए दो जगहों पर टोल टैक्स देना होगा। एनएचएआई का प्रयास है कि इस प्रोजेक्ट को दो साल के अंदर पूरा कर लिया जाए।
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समय की होगी बचत
अभी सिंगल लेन व टूटी सड़क होने के कारण नारनौल से रेवाड़ी पहुंचने में ही डेढ़ से दो घंटे तक लग जाते हैं। रेवाड़ी में भी वाहन चालकों को बाजार से होकर जाना पड़ता है। ऐसे में 45 मिनट का समय जाम में खराब हो जाता है। हाईवे रेवाड़ी में बाईपास बनने के बाद लोगों को बाजार में आने के बजाय सीधे दिल्ली-जयपुर हाईवे पर पहुंच जाएंगे। इससे करीब एक घंटे के समय की बचत होगी। इससे रेवाड़ी से गुरुग्राम की दूर दो घंटे व दिल्ली तीन घंटे में लोग पहुंच सकेंगे।
सामरिक महत्व भी
सामरिक महत्व की रेवाड़ी-जैसलमेर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना को सिरे चढ़ाने में एनएचएआई जुट गया है। इस राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-11 का चरणबद्ध ढंग से पूरा करने का निर्णय लिया है। परियोजना 848 किलोमीटर लंबी है। अधिकांश स्थानों पर मौजूदा सड़कों की ही चौड़ाई बढ़ाई जाएगी लेकिन जहां बाईपास की जरूरत होगी। वहां पर नए सिरे से सड़क का निर्माण होगा। यह परियोजना पर्यटन की दृष्टि से भी अहम है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद हरियाणा व राजस्थान के मध्य शेखावाटी क्षेत्र के पर्यटकों के लिए एक बेहतरीन पर्यटन गलियारा होगा। हरियाणा में रेवाड़ी से सीकर तक कार्य होगा। हरियाणा की सीमा में रेवाड़ी से नारनौल से पचेरी तक पहला पैकेज निर्धारित किया गया है। इसी क्रम में नारनौल बाईपास, अटेली बाईपास व बाछोद बाईपास सहित नारनौल से अटेली तक का क्षेत्र दूसरे पैकेज में शामिल है। तीसरे पैकेज में अटेली से रेवाड़ी तक का मार्ग लिया गया है। नारनौल हाईवे को रेवाड़ी में जयपुर दिल्ली हाईवे से जोड़ा जाएगा।
लॉजिस्टिक को होगा फायदा
नांगल चौधरी क्षेत्र में करीब 1200 एकड़ जमीन पर मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब विकसित किया जा रहा है। एनएच-11 बनने से राजस्थान व हरियाणा के बीच व्यावसायिक गतिविधियां भी बढ़ जाएगी। रोजगार भी बढ़ेगा। इससे क्षेत्र का विकास भी होगा।
रेवाड़ी-नारनौल एनएच पर तेजी से कार्य चल रहा है। इसे तय वक्त में पूरा कर लिया जाएगा। हाईवे पर अटेली व नारनौल बाईपास का निर्माण किया जाना है। हाईवे के निर्माण राजस्थान के लोगों को सहूलियतें मिलेगी। वैसे यह प्रोजेक्ट रेवाड़ी से सीकर तक का है। नारनौल रोड को दिल्ली जयपुर हाईवे जोड़ा जाना प्रस्तावित है। प्रोजेक्ट पूरा होने से वाहन चालकों को नारनौल शहर, अटेली शहर व रेवाड़ी शहर में प्रवेश किए बिना ही गुरुग्राम व दिल्ली जा सकेंगे।
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- पीके कौशिक, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, नेशनल हाईवे।
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