कनीना। उप मंडल के गांव धनौंदा का 762वां स्थापना दिवस ग्रामवासियों ने धूमधाम से मनाया। ग्राम वासियों द्वारा मिलन सम्मेलन का आयोजन किया गया। गांव के श्री बाबा दयाल मंदिर प्रांगण में समाजसेवी ठाकुर अतरलाल की देखरेख में आसपास के गांवों से गणमान्य लोग शामिल हुए। ग्रामीणों ने ग्राम देवता बाबा भैंया की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान ग्रामीणों ने अगले तीन माह के दौरान गांव में 1500 पौधे लगाने का संकल्प लिया।
ठाकुर अतरलाल ने कहा कि गांव में वर्तमान समय में 1500 घर हैं। विक्रमी संवत् 1321 सन् 1264 की वैशाख सुदी द्वादसी को खुडाना निवासी ठाकुर नीमराव सिंह उर्फ नाभा सिंह ने अपने पिता ठाकुर धनसिंह के नाम पर धनौंदा गांव बसाया था। मुख्याध्यापक सूरत सिंह व प्रहलाद सिंह ने गांव की 761वर्ष की जीवन यात्रा एवं गौरवशाली इतिहास से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि फिल्मी दुनियां में विशेष पहचान बनाने वाले सतीश कौशिक के अलावा, खेल, भारतीय सेना, अध्यापन, राजनीति, चिकित्सा एवं अन्य क्षेत्रों में ग्रामीणों ने बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं।
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- 80 वर्ष से अधिक के बुजुर्गाें को किया सम्मानित:
गांव के 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग भंवर सिंह, बहादुर सिंह, सूबेदार मेजर मदन सिंह, पंडित मिठनलाल, सेठ बिशंबर दयाल, ठाकुर अमर सिंह, फूलसिंह, सुरजभान, पहलवान रामपाल शेखावत, दादा मनोहर सिंह, ताराचंद योगी को पगड़ी एवं फूल मालाएं पहनाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान ठाकुर रतनसिंह चेयरमैन, राजेंद्र सिंह नंबरदार, कैप्टन ओमपाल सिंह, सूबेदार मेजर मदन सिंह ने गांव के प्राचीन इतिहास, विकास की यात्रा से अवगत कराया।
इस अवसर पर जांगिड़ समाज के प्रधान सीताराम जांगिड़ सेहलंग ने भी ग्रामीणों को स्थापना दिवस की बधाई दी। इस मौके पर कैप्टन ओमपाल सिंह, कैप्टन मदन सिंह, किशनपाल, मीर सिंह वैद्य, सुनील पंच, मास्टर सूरतसिंह, डाॅ. कंवरपाल सिंह, गोविंद पंडित, औमप्रकाश जोशी सहित आसपास गांवों के गणमान्य लोग शामिल हुए।