नारनौल। शहर की एतिहासिक धरोहर अब नए लुक में नजर आएंगी। इसके लिए प्रशासन ने केंद्र सरकार से लगभग पचास लाख रुपये का बजट मांगा है। इन एतिहासिक इमारतों को सजाने संवारने के अलावा इनकी मरम्मत पर यह राशि खर्च होगी। इनमें सबसे ज्यादा तवज्जो प्रशासन जल महल के देगा। अगर सब कुछ ठीक ठाक रहा तो आने वाले समय में जल महल देखने आने वाले पर्यटकों को वाईफाई की सुविधा के साथ साथ पब्लिकेशन बूथ व कैंटीन की सुविधा भी मिलेगी।
ऐतिहासिक इमारतों की देखरेख करने व उन्हें सजाने संवारने के लिए प्रशासन ने आसपास बने कब्जों को हटाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। राय बाल मुकुंद का छत्ता व तख्त वाली बावड़ी की जमीन हस्तांतरण के मामले में भी प्रशासन ने राजस्व विभाग को निर्देश दिए हैं।
बालमुकंद राय का छत्ते की मरम्मत का होगा कार्य
शहर के प्रसिद्घ बालमुंकद राय का छत्ता या बीरबल का छतरी की मरम्मत की जाएगी। दोनों ही इमारतें ऐतिहासिक मानी जाती है। बालमुंकद राय छत्ते की हालत फिलहाल काफी खस्ता है, इसलिए प्रशासन का प्रयास है कि जल्द ही इसकी मरम्मत करवाई जाए। जिससे यहां पर पर्यटन का बढ़ावा दिया जा सके।
शहर की भी सुधरेगी हालत
इसके साथ ही प्रशासन की योजना है कि शहर के मुख्य चौक-चौराहों को ठीक किया जाएगा। ताकि जब पर्यटक शहर में आए तो उन्हें अच्छा महसूस हो। अधिकारियों को मानना है कि शहर की इमेज चौक-चौराहों से ही होती है। इसलिए यहां के चौक व दूसरे स्थानों का भी सुंदरीकरण किया जाएगा। पर्यटक को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल व फिजिकल दोनों तरह के संसाधनों का प्रयोग किया जाएगा। इसके लिए प्रोमोशनल मार्केटिंग की प्लानिंग कि जा रही है। साथ ही गांवों में ऐतिहासिक तथ्यों की कोई मूर्ति व सामान को भी एकत्रित करने का काम किया जा रहा है।
शहर के सभी ऐतिहासिक स्थलों का सुंदरीकरण किया जाएगा। प्रयास है कि शहर के सभी ऐतिहासिक स्थलों का नाम पूरे हरियाणा के साथ साथ देशभर में हो। इसके लिए केंद्र सरकार से कुछ बजट की मांग की गई है। कोरोना के कारण मामला अटका हुआ है अब जल्द ही इस पर दोबारा से कार्रवाई की जाएगी।
-अजय कुमार, उपायुक्त
जल महल की मरम्मत के लिए एस्टीमेट बनाकर भेज दिया गया है। तालाब की सफाई का कार्य करवा दिया गया है। अभी कुछ कार्य और होने हैं। इसके अलावा जल महल में एक कैंटीन व एक पब्लिकेशन बूथ भी बनाया जाएगा।
सुरेंद्र सिंह, केयर टेकर, जलमहल