बुधवार को रजिस्ट्री कार्यालय के गेट दोपहर ढाई बजे बाद भी बंद रहे तो लोगों का गुस्सा फूट गया। रजिस्ट्री कराने आए लोगों ने नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश जाहिर किया। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम के सामने भी अपनी समस्या रखी। बाद में दूसरी चाबी से गेट खुलवाकर दूसरे कर्मचारियों के जरिए रजिस्ट्री कराई गई।
महेंद्रगढ़ तहसील की रजिस्ट्री के लिए गांव पालड़ी पनिहारा, पाली,जाटवास, दौंगडा, खायरा, बुचावास के लोगों को रजिस्ट्री के लिए अप्वाइंटमेंट मिली हुई थी। करीब 60 से 70 लोग रजिस्ट्री के लिए सुबह दस बजे ही कार्यालय के बाहर पहुंच गए थे। यहां कोई कर्मचारी नहीं मिला। जिसके बाद नायब तहसीलदार के कक्ष में पहुंच तो वहां भी कोई नहीं मिला। बाद में इन लोगों को इंतजार करने के लिए कहा गया। कर्मचारियों ने कहा कि रजिस्ट्री क्लर्क किसी काम से चंडीगढ़ गया है। उसकी जेब में ही कमरे की चाबी चली गई है। ऐसे में इंतजार करना होगा। दोपहर ढाई बजे तक भी गेट नहीं खुला। जिसके बाद लोगों का गुस्सा फूटने लगा। लोगों ने एसडीएम कार्यालय में जाकर अपनी शिकायत रखी। एसडीएम की ओर से भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो लोगों ने नारेबाजी करते हुए विरोध जताया। आक्रोशित लोगों ने रोड जाम की चेतावनी भी दी। गांव पालडी निवासी राजेंद्र, पाली निवासी सोनू, लावन निवासी बाबूलाल, बुचावास निवासी मनोज, मास्टर भूप सिंह, अशोक कुमार ने बताया कि महिलाएं भी साथ आई हैं। आज व्रत के दिन महिलाएं कई घंटे से बिना पानी पीये इंतजार कर रही हैं। अप्वाइंटमेंट देने से पहले पूरी तैयारी होनी चाहिए थी।
इस बीच उच्च अधिकारियों के पास भी मामला पहुंचा। अधिकारियों ने थोड़ा इंतजार करने के लिए कहा। शाम करीब चार बजे तहसीलदार के रीडर ने दूसरी चाबी से गेट खोला गया। दूसरे कर्मचारी को बुलाकर रजिस्ट्री का काम शुरू कराया गया।
हमारी तो फ्लाइट छूट जाएगी
गांव पालड़ी के निवासी अशोक के दो भांजे पश्चिम बंगाल में रहते हैं। जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए वहां से विशेष तौर पर आए थे। वेस्ट बंगाल से आए मनोज तथा बबलू ने बताया रजिस्ट्री बुधवार को नहीं हो सकी तो उनकी फ्लाइट छूट जाएगी। अप्वाइंटमेंट मिलने के बाद ही आए थे। अब यहां इस तरह की दिक्कत है।
महेंद्रगढ़ में रजिस्ट्री के लिए लोगों को ऑनलाइन आवेदन करना होता है। इसके बाद सभी को ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट दी जाती है। रोजाना 100 लोगों को बुलाया जा सकता है। यहां रोजाना औसतन 50 से 60 लोग ही रजिस्ट्री कराने आते हैं। 3 नवंबर को भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी थी।