नारनौल। नगर परिषद प्राॅपर्टी आईडी मामले में गिरफ्तार जेई विकास शर्मा और दो प्रॉपर्टी डीलर को 2 दिन के रिमांड के बाद रविवार को अदालत में पेश किया गया। यहां से तीनों को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं इस मामले में तहसील में तैनात रहे एक रजिस्ट्री क्लर्क को भी एसीबी ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
अवैध रूप से काटे गए प्लाॅटों में लगाई एनडीसी की वैधता केवल 15 दिन की थी, लेकिन पुरानी एनडीसी के आधार पर वसीका पंजीकृत कर दी गई थी। इस मामले में एसीबी को 7-8 लोगों की भूमिका संदिग्ध मिली है। इनमें से एक तहसील के क्लर्क को रविवार को एसीबी ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। आने वाले दिनों में अन्य कर्मचारियों व अधिकारियों को भी गिरफ्तार हो सकती है।
कृषि भूमि को रिहायशी बताकर काटे थे प्लाॅट
नारनौल की परशुराम काॅलोनी के साथ लगती 1200 वर्ग गज में से कुछ हिस्सा रिहायशी बताकर प्राॅपर्टी डीलरों ने प्लाॅट काटे थे। इस दौरान दोनों प्राॅपर्टी डीलरों ने प्राॅपर्टी आईडी और एनओसी के आधार पर वैध काॅलोनी का हिस्सा बताकर प्लाॅट काटकर बेचे थे। वर्ष 2021 में मामला एसीबी के पास पहुंचा था।
ऐसे हुआ अब तक घटनाक्रम
अनअप्रूव्ड कॉलोनी को अप्रूव्ड बनाकर एनओसी जारी करने का मामला वर्ष 2021 में एसीबी के सामने आया था। इसके बाद 7 मार्च 2023 को एसीबी ने फर्जीवाड़े को लेकर मामला दर्ज किया। इसके एक साल बाद 7 मार्च 2024 को नगर परिषद जेई विकास शर्मा व प्राॅपर्टी डीलर नवीन यादव व अमीश संघी को गिरफ्तार किया गया। एसीबी ने 8 मार्च को तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया।
रविवार को तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। यहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अभी अन्य कर्मचारी व अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है। इस मामले में अन्य कर्मचारियों के नाम भी सामने आ रहे हैं, जल्द ही उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
-राजकरण, इंस्पेक्टर एसीबी नारनौल।